उत्तराखंड: मौसम विभाग का ‘ऑरेंज अलर्ट’ – शासन ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश
उत्तराखंड: मौसम विभाग का ‘ऑरेंज अलर्ट’ – शासन ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा आगामी 04 और 05 मई, 2026 के लिए उत्तराखंड के कई जनपदों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसे देखते हुए राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क मोड पर आ गया है।
1. जनपदों के लिए मौसम की चेतावनी (Alert Schedule)
मौसम विभाग ने राज्य को दो श्रेणियों में बांटते हुए सावधानी बरतने को कहा है:
04 एवं 05 मई (ऑरेंज अलर्ट): देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर।
संभावना: गरज-चमक के साथ बिजली गिरना, ओलावृष्टि, तीव्र वर्षा और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं।
05 मई (विस्तारित ऑरेंज अलर्ट): उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़।
02 से 06 मई (येलो अलर्ट): राज्य के अन्य सभी जनपदों में छिटपुट गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना।
2. प्रशासन द्वारा जारी मुख्य दिशा-निर्देश
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, श्री विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
A. सुरक्षा एवं निगरानी
ट्रेकिंग पर नियंत्रण: खराब मौसम के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित या स्थगित किया जाए।
संवेदनशील क्षेत्र: भूस्खलन और बाढ़ के प्रति संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे निगरानी बढ़ाई जाए।
राहत दल: SDRF, NDRF और स्थानीय राहत-बचाव दलों को ‘हाई अलर्ट’ मोड पर रखा गया है।
B. बुनियादी ढांचा और मार्ग बहाली
सड़क संपर्क: NH, PWD, PMGSY और BRO को निर्देश दिए गए हैं कि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल मशीनों का उपयोग कर रास्ता साफ किया जाए।
संचार व्यवस्था: सभी अधिकारी अपने मोबाइल और संचार माध्यमों को 24 घंटे सक्रिय रखें ताकि त्वरित समन्वय हो सके।
C. सार्वजनिक सुरक्षा
स्कूली सुरक्षा: विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और स्थिति बिगड़ने पर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश हैं।
ग्राम स्तर पर सक्रियता: ग्राम प्रधानों और राजस्व उप-निरीक्षकों को अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहने को कहा गया है।
आम जनमानस के लिए सुझाव
नोट: खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। आपदा की स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या राज्य आपदा कंट्रोल रूम को सूचित करें।
