हल्द्वानी: महंगी किताबें थोपने वाले 17 निजी स्कूलों पर प्रशासन का डंडा, 15 दिन में जवाब तलब
हल्द्वानी: महंगी किताबें थोपने वाले 17 निजी स्कूलों पर प्रशासन का डंडा, 15 दिन में जवाब तलब
नैनीताल जिले में निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने हल्द्वानी, रामनगर और भीमताल क्षेत्र के 17 नामी निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों पर एनसीईआरटी (NCERT) के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अनिवार्य करने का गंभीर आरोप है।
जांच में हुआ नियमों का उल्लंघन
प्रशासनिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कई स्कूल छात्रों पर भारी-भरकम कीमतों वाली निजी प्रकाशनों की किताबें थोप रहे थे। इसके अलावा, प्रशासन को ऐसी शिकायतें भी मिली थीं कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को विशेष दुकानों या वेंडरों से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
प्रशासन ने इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009, सीबीएसई गाइडलाइंस और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 का स्पष्ट उल्लंघन माना है।
नोटिस में कड़े निर्देश: 15 दिन का अल्टीमेटम
मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में स्कूलों को निम्नलिखित सुधार करने के आदेश दिए गए हैं:
संशोधित बुक लिस्ट: अगले 15 दिनों के भीतर नई बुक लिस्ट जारी करें, जिसमें केवल आवश्यक और एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों को ही प्राथमिकता दी जाए।
दुकानों की अनिवार्यता खत्म हो: किसी भी विशेष वेंडर से खरीदारी का दबाव तुरंत बंद किया जाए। अभिभावक कहीं से भी सामग्री खरीदने के लिए स्वतंत्र होने चाहिए।
पारदर्शिता: स्कूल अपनी वेबसाइट पर बुक लिस्ट और फीस का पूरा विवरण सार्वजनिक करें।
रिफंड की व्यवस्था: यदि किसी अभिभावक से अतिरिक्त शुल्क लिया गया है, तो स्कूल को उसे भविष्य की फीस में समायोजित (Adjust) करना होगा या रिफंड देना होगा।
होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित स्कूलों की मान्यता निलंबन, भारी जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
”शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के हितों की रक्षा हमारी प्राथमिकता है। 15 दिन की समय सीमा समाप्त होने के बाद एक संयुक्त जांच समिति दोबारा निरीक्षण करेगी और रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” – प्रशासनिक अधिकारी
इस कार्रवाई के बाद से अन्य निजी स्कूलों में भी हड़कंप मचा हुआ है, वहीं अभिभावकों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है।
