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शिक्षा जगत में संघ का बड़ा कदम: ग्वालियर में खुलेगा RSS का पहला विश्वविद्यालय, 4 मई को CM मोहन यादव करेंगे भूमिपूजन

शिक्षा जगत में संघ का बड़ा कदम: ग्वालियर में खुलेगा RSS का पहला विश्वविद्यालय, 4 मई को CM मोहन यादव करेंगे भूमिपूजन

​ग्वालियर | विशेष संवाददाता

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अब उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सीधी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में संघ अपना पहला विश्वविद्यालय, ‘ऋषि गालव विश्वविद्यालय’ (Rishi Galav University) स्थापित करने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन 4 मई 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सुरेश सोनी की उपस्थिति में संपन्न होगा।

​परियोजना का विवरण और समयसीमा

​यूनिवर्सिटी का संचालन संघ की संस्था मध्य भारत शिक्षा समिति द्वारा किया जाएगा। परियोजना से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

​विशाल परिसर: विश्वविद्यालय का निर्माण लगभग 55 बीघा जमीन पर किया जा रहा है।

​लागत: इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 110 करोड़ रुपये है।

​शैक्षणिक सत्र: लक्ष्य रखा गया है कि 18 जुलाई 2027 (गुरु पूर्णिमा) से विश्वविद्यालय का पहला शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाए।

​निर्माण अवधि: पूरे विश्वविद्यालय का कार्य 3 वर्ष के भीतर संपन्न करने का लक्ष्य है।

​क्यों पड़ी नए विश्वविद्यालय की जरूरत?

​ग्वालियर में पहले से ही आठ विश्वविद्यालय मौजूद हैं, इसके बावजूद नए विवि की स्थापना पर मध्य भारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र बांदिल ने कहा कि वर्तमान शिक्षा पद्धति डिग्रियां तो दे रही है, लेकिन चरित्र निर्माण में पीछे है। उन्होंने कहा:

​”आज का विद्यार्थी रोजगार तो पा लेता है, लेकिन मनोबल और चरित्र कमजोर होने के कारण जीवन संघर्ष में असफल हो रहा है। टूटते परिवार और बढ़ती आत्महत्याएं इसी विखंडित शिक्षा पद्धति का परिणाम हैं। ऋषि गालव विश्वविद्यालय इन कमियों को दूर कर मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करेगा।”

​’राष्ट्र प्रथम’ और ‘स्व-बोध’ पर होगा जोर

​विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में ‘भारत प्रथम’ और राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करना है।

​स्व-बोध: छात्रों के स्वाभिमान को जगाकर उन्हें समाज और राष्ट्र से जोड़ना।

​चारित्रिक विकास: कौशल विकास के साथ-साथ उत्तम आचरण पद्धति पर विशेष ध्यान।

​रोजगारोन्मुखी शिक्षा: छात्रों की व्यावसायिक क्षमताओं को बढ़ाना ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

​आधुनिक तकनीक और परंपरा का संगम

​ऋषि गालव विश्वविद्यालय में प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का मेल देखने को मिलेगा:

​पाठ्यक्रम: यहाँ वर्तमान रोजगार संबंधी कोर्स के साथ-साथ भारतीय जीवन दर्शन, धर्म और धरोहर से जुड़े विशेष पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे।

​सुविधाएं: परिसर में अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासेस, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब और लेटेस्ट लैबोरेटरीज बनाई जाएंगी।

​आवास: दूर-दराज से आने वाले छात्रों के लिए दो बड़े हॉस्टल्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।

​भूमिपूजन समारोह के मुख्य अतिथि

​4 मई को होने वाले समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार और प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता के तौर पर संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी अपना संबोधन देंगे, जबकि अध्यक्षता मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पाण्डे करेंगे।

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