कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर खड़गे का बड़ा बयान: ‘अभी कोई तारीख तय नहीं, जो भी फैसला होगा राज्य के हित में होगा’
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर खड़गे का बड़ा बयान: ‘अभी कोई तारीख तय नहीं, जो भी फैसला होगा राज्य के हित में होगा’
कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर लंबे समय से जारी खींचतान और अटकलों पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। कलबुर्गी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खड़गे ने स्पष्ट कर दिया कि नेतृत्व परिवर्तन को लेकर फिलहाल कोई समय-सीमा या तारीख निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने मीडिया और राजनीतिक हलकों में चल रहे कयासों को फिलहाल बेबुनियाद बताया है।
हाईकमान लेगा सामूहिक फैसला
खड़गे ने नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस में बड़े फैसले परामर्श और सामूहिक सहमति से लिए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय तीन प्रमुख लोग मिलकर लेंगे:
सोनिया गांधी
राहुल गांधी
स्वयं मल्लिकार्जुन खड़गे
प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़गे ने कहा, “जब तक हम तीनों बैठकर कोई तारीख तय नहीं करते, मैं कैसे कह सकता हूँ कि बदलाव होगा या नहीं? जब उचित समय आएगा और हम तारीख तय करेंगे, तब निर्णय सार्वजनिक किया जाएगा।” उन्होंने मीडिया से उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश न करने की अपील भी की।
राज्य का हित सर्वोपरि
पार्टी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि कांग्रेस आलाकमान वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद ही कोई कदम उठाता है। उन्होंने कहा, “हम राज्य के हितों को ध्यान में रखकर फैसला लेते हैं। जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह कर्नाटक की जनता और पार्टी के भविष्य के लिए बेहतर होगा और सभी को उस फैसले का सम्मान करना होगा।”
सिद्धारमैया बनाम शिवकुमार: क्यों तेज हुई चर्चा?
कर्नाटक में यह राजनीतिक हलचल उस समय तेज हुई है जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच कथित ‘पावर शेयरिंग’ फॉर्मूले की चर्चा जोरों पर है।
2025 का समीकरण: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नवंबर 2025 में सरकार का ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने पर शिवकुमार को कमान सौंपी जा सकती है।
सिद्धारमैया का रुख: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाल ही में संकेत दिए थे कि वे अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे आलाकमान के हर फैसले को मानेंगे।
शिवकुमार की सक्रियता: पिछले कुछ हफ्तों में डी.के. शिवकुमार की दिल्ली यात्राओं और उनके समर्थकों के बयानों ने इन अटकलों को और हवा दी थी।
फिलहाल ‘स्टेटस को’ बरकरार
मल्लिकार्जुन खड़गे के इस बयान से साफ है कि कांग्रेस फिलहाल कर्नाटक सरकार में किसी भी तरह की अस्थिरता नहीं चाहती। आलाकमान ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सरकार अपनी लय में काम करती रहेगी और नेतृत्व परिवर्तन का मुद्दा अभी ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है। इस बयान के बाद उम्मीद की जा रही है कि राज्य में जारी बयानबाजी पर फिलहाल लगाम लगेगी।
