उत्तराखंड फतह की तैयारी: 6 मई से गढ़वाल के दौरे पर रहेंगी कुमारी शैलजा, चुनावी शंखनाद के लिए कांग्रेस ने कसी कमर
उत्तराखंड फतह की तैयारी: 6 मई से गढ़वाल के दौरे पर रहेंगी कुमारी शैलजा, चुनावी शंखनाद के लिए कांग्रेस ने कसी कमर
देहरादून | 01 मई, 2026
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस ने सत्ता में वापसी के लिए अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा आगामी 6 मई से गढ़वाल मंडल के महत्वपूर्ण दौरे पर आ रही हैं। 11 मई तक चलने वाले इस प्रवास के दौरान वे ऋषिकेश से लेकर बदरीनाथ और केदारनाथ तक कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगी।
संगठन को धार देने की कवायद
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी आगामी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। हाल ही में तराई क्षेत्रों का दौरा करने के बाद अब कुमारी शैलजा का ध्यान पर्वतीय क्षेत्रों पर केंद्रित है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूती प्रदान करना और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है।
गोदियाल ने कहा, “गढ़वाल भ्रमण के बाद उनका अगला दौरा कुमाऊं मंडल और फिर उत्तरकाशी व देहरादून के चकराता-विकासनगर क्षेत्रों में होगा। इन दौरों के बाद कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार होगा।”
कुमारी शैलजा का 6 दिवसीय कार्यक्रम
कुमारी शैलजा का दौरा धार्मिक आस्था और राजनीतिक संवाद का संगम होगा। उनके विस्तृत कार्यक्रम की रूपरेखा कुछ इस प्रकार है:
6 मई: देहरादून आगमन और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक।
7 मई: ऋषिकेश से श्रीनगर (गढ़वाल) के लिए प्रस्थान। पौड़ी जिला कांग्रेस कमेटी के साथ संवाद। इसके बाद सोनप्रयाग (रुद्रप्रयाग) में रात्रि विश्राम।
8 मई: हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना। अगस्तमुनि में कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी चर्चा।
9 मई: चमोली जिले के बरही में कार्यकर्ताओं से संवाद और बदरीनाथ धाम में रात्रि विश्राम।
10 मई: बदरीनाथ धाम में दर्शन के बाद जोशीमठ में चुनावी रणनीति पर मंथन। रात्रि विश्राम श्रीनगर में।
11 मई: श्रीनगर से चंबा (टिहरी) के लिए प्रस्थान। टिहरी जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद दिल्ली वापसी।
चुनावी रण में ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ और संगठन का तालमेल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुमारी शैलजा द्वारा केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में दर्शन के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से मुलाकात करना, कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ और स्थानीय मुद्दों को साथ लेकर चलना चाहती है।
गणेश गोदियाल ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ आगामी चुनाव लड़ेगी। पार्टी का मानना है कि इन दौरों से न केवल संगठन की कमियां दूर होंगी, बल्कि भाजपा सरकार के खिलाफ जनमत तैयार करने में भी मदद मिलेगी। गढ़वाल मंडल का यह दौरा कांग्रेस के चुनावी अभियान के लिए ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हो सकता है।
