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​बंगाल चुनाव: मतगणना से पहले EVM पर संग्राम; स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर ममता का 4 घंटे तक धरना, आयोग ने आरोपों को नकारा, जानिए रात की पूरी कहानी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने के बाद राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर है। 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले EVM की सुरक्षा को लेकर मूसलाधार बारिश के बीच कोलकाता की सड़कों पर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।

​बंगाल चुनाव: मतगणना से पहले EVM पर संग्राम; स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर ममता का 4 घंटे तक धरना, आयोग ने आरोपों को नकारा

पश्चिम बंगाल में 294 सीटों के लिए मतदान खत्म होते ही अब ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ सियासी अखाड़ा बन गए हैं। उत्तरी कोलकाता में EVM से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद भारी बारिश के बीच आधी रात को स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा का जायजा लेने पहुंचीं और किसी भी तरह की धांधली होने पर ‘जान की बाजी’ लगाने की चेतावनी दे दी।

​आधी रात का ड्रामा: ममता बनर्जी का कड़ा रुख

​गुरुवार रात भवानीपुर के एक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करीब चार घंटे (रात 12:07 बजे तक) डटी रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरू में केंद्रीय बलों ने उन्हें अंदर जाने से रोका।

​ममता की चेतावनी: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा, “अगर EVM लूटने या गिनती में हेरफेर की कोशिश हुई, तो हम जान की बाजी लगा देंगे। जनता के वोटों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

​पारदर्शिता की मांग: उन्होंने मीडिया के लिए भी अलग से CCTV कैमरा लगाने और मतगणना क्षेत्र में सख्त निगरानी का सुझाव दिया।

​TMC के गंभीर आरोप और धरना

​विवाद की शुरुआत तब हुई जब उत्तरी कोलकाता से TMC उम्मीदवार कुणाल घोष और डॉ. शशि पांजा ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में ‘असामान्य हलचल’ का दावा किया।

​CCTV फुटेज का दावा: TMC ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि सील किए गए स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर कुछ लोग गुलाबी कागज और बैलेट पेपर के साथ काम कर रहे थे।

​नेताओं का सवाल: डॉ. शशि पांजा ने पूछा कि अगर स्ट्रॉन्ग रूम सील था, तो अंदर लोग क्या कर रहे थे? कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि बिना उम्मीदवार के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के अंदर काम करना नियमों का उल्लंघन है।

​विपक्ष और चुनाव आयोग की सफाई

​इन आरोपों के बीच भाजपा नेता तापस रॉय ने इसे TMC की ‘हार का डर’ बताया। उन्होंने कहा कि TMC अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।

​दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने आधिकारिक बयान जारी कर सभी आरोपों को खारिज कर दिया:

​EVM सुरक्षित: आयोग ने पुष्टि की कि सभी 7 विधानसभा क्षेत्रों की EVM वाले स्ट्रॉन्ग रूम सुरक्षित रूप से सील हैं।

​पोस्टल बैलेट का स्पष्टीकरण: आयोग ने बताया कि जिस हलचल की बात कही जा रही है, वह पोस्टल बैलेट वाले स्ट्रॉन्ग रूम की थी, जहाँ नियमानुसार काम चल रहा था।

​समय सीमा: आयोग के अनुसार, आखिरी स्ट्रॉन्ग रूम सुबह 5:15 बजे पूरी तरह सुरक्षित तरीके से बंद कर दिया गया था।

​अब 4 मई का इंतजार

​दो चरणों में हुए मतदान के बाद अब सबकी नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब राज्य की 294 सीटों के नतीजे घोषित होंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आयोग ने निष्पक्ष मतगणना का भरोसा दिलाया है, लेकिन TMC ने अपने कार्यकर्ताओं को 24 घंटे स्ट्रॉन्ग रूम पर नजर रखने की हिदायत दी है।

​मुख्य बिंदु:

​घटनास्थल: खुदीराम अनुशीलन केंद्र और भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम।

​विवाद का कारण: CCTV कैमरों में स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर कुछ लोगों की मौजूदगी।

​प्रशासन का पक्ष: हलचल पोस्टल बैलेट रूम में थी, EVM रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं।

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