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गर्मियों का देसी ‘सुपरड्रिंक’: कांजी पीने के फायदे और इसे बनाने की सबसे आसान विधि

गर्मियों का देसी ‘सुपरड्रिंक’: कांजी पीने के फायदे और इसे बनाने की सबसे आसान विधि

​हेल्थ डेस्क | लाइफस्टाइल रिपोर्टर

​जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, लोग ठंडक के लिए कोल्ड ड्रिंक्स और आर्टिफिशियल जूस का सहारा ले रहे हैं। लेकिन भारतीय रसोइयों में एक ऐसा पारंपरिक पेय मौजूद है जो न केवल शरीर को ठंडा रखता है बल्कि पेट की हर समस्या का काल है। हम बात कर रहे हैं ‘कांजी’ की। आमतौर पर काली गाजर से बनने वाली यह ड्रिंक गर्मियों में अमृत समान मानी जाती है।

​गर्मियों में कांजी पीने के चमत्कारिक फायदे

​कांजी एक ‘प्रोबायोटिक’ (Probiotic) ड्रिंक है, जिसे फर्मेंटेशन (खमीर उठाने) की प्रक्रिया से तैयार किया जाता है। इसके नियमित सेवन से शरीर को ये लाभ मिलते हैं:

​पाचन तंत्र में सुधार: फर्मेंटेड होने के कारण इसमें हेल्दी बैक्टीरिया होते हैं जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं और कब्ज व गैस जैसी समस्याओं को दूर करते हैं।

​लू से बचाव: इसकी तासीर ठंडी होती है, जो चिलचिलाती धूप में शरीर के तापमान को नियंत्रित रखती है।

​इम्यूनिटी बूस्टर: इसमें मौजूद काली गाजर और राई एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।

​हाइड्रेशन: यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखती है, जिससे डिहाइड्रेशन नहीं होता।

​कांजी बनाने की सामग्री (Ingredients)

​एक बढ़िया चटपटी कांजी तैयार करने के लिए आपको चाहिए:

​काली गाजर: 500 ग्राम (अगर काली गाजर न मिले तो लाल गाजर और चुकंदर का इस्तेमाल करें)

​पानी: 2 लीटर

​पिसी हुई राई (सरसों): 3-4 बड़े चम्मच

​काला नमक: स्वादानुसार

​सादा नमक: स्वादानुसार

​लाल मिर्च पाउडर: 1 छोटा चम्मच

​हींग: एक चुटकी

​बनाने का आसान तरीका (Step-by-Step Recipe)

​तैयारी: सबसे पहले गाजर को छीलकर लंबी-लंबी फांकों (Sticks) में काट लें।

​मिश्रण: एक कांच के जार या मिट्टी के बर्तन में पानी भरें। इसमें कटी हुई गाजर, राई, नमक, मिर्च और हींग डाल दें।

​फर्मेंटेशन (धूप दिखाना): जार का मुँह एक साफ़ सूती कपड़े से बांध दें। इसे 3 से 4 दिनों के लिए धूप में रखें।

​स्वाद की जांच: हर दिन एक बार सूखे चम्मच से इसे चलाएं। जब पानी का स्वाद खट्टा और तीखा होने लगे, तो समझ लीजिए आपकी कांजी तैयार है।

​परोसें: तैयार कांजी को आप फ्रिज में रखकर ठंडा कर सकते हैं। परोसते समय इसमें पुदीने के पत्ते भी डाल सकते हैं।

​प्रो टिप: कांजी को हमेशा कांच या चीनी मिट्टी के बर्तन में ही बनाएं। प्लास्टिक या धातु के बर्तनों में फर्मेंटेशन की प्रक्रिया स्वाद और सेहत बिगाड़ सकती है।

​इस गर्मी अपनी डाइट में इस प्राचीन भारतीय ड्रिंक को शामिल करें और पेट की गर्मी को कहें अलविदा!

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