राजनीति

अशोक मित्तल के बहाने संजय सिंह का बीजेपी पर निशाना; कहा- ‘हमें डराने की साजिश अब समझ आ गई’

नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अशोक मित्तल पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे से ही पूरी कहानी साफ हो गई थी। उन्होंने इसे ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा बताया और दावा किया कि भाजपा केंद्र की एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।d9731f

संजय सिंह ने कहा, “अशोक मित्तल पर छापा पड़ते ही मुझे समझ आ गया था कि पूरी कहानी क्या है। आज मन बहुत दुखी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि ED के छापे के महज 10 दिन बाद अशोक मित्तल ने AAP छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली। सिंह ने इसे पंजाब सरकार को कमजोर करने की साजिश करार दिया।

अशोक मित्तल का AAP से भाजपा में शामिल होना

AAP के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल (लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से जुड़े) ने हाल ही में पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। यह कदम 15 अप्रैल 2026 को उनके ठिकानों (पंजाब और गुरुग्राम में घर, फार्महाउस तथा यूनिवर्सिटी परिसर) पर ED की छापेमारी के ठीक 9-10 दिन बाद आया। ED ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की थी।a7140b

मित्तल हाल ही में राघव चड्ढा की जगह AAP के राज्यसभा डिप्टी लीडर बने थे। अब उनके सहित सात राज्यसभा सांसदों (राघव चड्ढा, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी, अशोक मित्तल, स्वाती मालीवाल और हरभजन सिंह) के भाजपा में जाने की खबरें हैं, जिससे AAP को बड़ा झटका लगा है।

संजय सिंह का आरोप

संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयानों में कहा:

“बीजेपी पंजाब चुनाव से पहले पंजाब को कमजोर करने के लिए यह साजिश रच रही है।”

“प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन लोटस’ चल रहा है, जिसमें ED-CBI का इस्तेमाल कर नेताओं को डराया-धमकाया जा रहा है।”

“जिस दिन छापा पड़ा, उसी दिन समझ आ गया था कि मित्तल को तोड़ने की कोशिश हो रही है।”

उन्होंने राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर इन सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग करने की बात कही।

AAP ने पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है और कहा कि भाजपा पंजाब में AAP सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है।

संदर्भ और पृष्ठभूमि

यह विवाद AAP में चल रही अंदरूनी कलह और बड़े पैमाने पर बगावत की पृष्ठभूमि में आया है। पहले राघव चड्ढा सहित अन्य नेताओं के पार्टी छोड़ने की खबरें आई थीं। भाजपा ने इन दलों पर कोई सीधा बयान नहीं दिया, लेकिन विपक्षी दलों पर ED-CBI के दुरुपयोग के आरोप विपक्ष की आम शिकायत बने हुए हैं।

ED सूत्रों का कहना है कि छापेमारी वित्तीय अनियमितताओं के ठोस इनपुट पर आधारित थी, न कि राजनीतिक।

यह घटनाक्रम पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले दिल्ली-पंजाब की राजनीति को और गरमा गया है। AAP नेतृत्व अब इन बगावतों से निपटने और अपनी पार्टी की एकता बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रहा है। जनता इन आरोप-प्रत्यारोपों पर क्या रुख अपनाती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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