US-ईरान शांति वार्ता: दूसरे दौर का रोडमैप और भविष्य की रूपरेखा
अप्रैल 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण युद्ध के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर वैश्विक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई उच्च-स्तरीय बैठक के बाद अब एक नए रोडमैप पर विचार किया जा रहा है।
यहाँ इस शांति वार्ता के रोडमैप और ताजा अपडेट्स पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:
US-ईरान शांति वार्ता: दूसरे दौर का रोडमैप और भविष्य की रूपरेखा
इस्लामाबाद/वॉशिंगटन: लगभग सात हफ्तों से चल रहे संघर्ष के बाद, अमेरिका और ईरान एक बार फिर आमने-सामने की वार्ता की मेज पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि पिछला दौर (अप्रैल 12, 2026) बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हुआ था, लेकिन एक नए ‘दो-चरणीय रोडमैप’ (Two-Phase Roadmap) ने शांति की उम्मीद जगाई है।
1. वार्ता का मुख्य रोडमैप: दो-चरण की योजना
राजनयिक सूत्रों और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के अनुसार, शांति बहाली के लिए निम्नलिखित रोडमैप पर चर्चा हो रही है:
प्रथम चरण (अस्थायी युद्धविराम): सबसे पहले 15 से 45 दिनों के एक अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) का प्रस्ताव है। इसका मुख्य उद्देश्य मानवीय सहायता पहुंचाना और व्यापक वार्ता के लिए माहौल तैयार करना है।
द्वितीय चरण (स्थायी समझौता): यदि युद्धविराम सफल रहता है, तो दूसरे चरण में युद्ध के स्थायी अंत और दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
2. अमेरिका की प्रमुख शर्तें और मांगें
ट्रंप प्रशासन ने वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए कुछ ‘नॉन-नेगोशिएबल’ शर्तें रखी हैं:
परमाणु कार्यक्रम का अंत: अमेरिका की मांग है कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) के भंडार को नष्ट करे या किसी तीसरे देश को सौंप दे।
होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): व्यापारिक जहाजों के लिए इस जलमार्ग को बिना किसी शुल्क या बाधा के तुरंत खोलना।
मिसाइल कार्यक्रम पर रोक: ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर 5 साल का प्रतिबंध।
3. ईरान का रुख और ‘रेड लाइन्स’
ईरान ने भी अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं, जिन्हें वह अपनी संप्रभुता से जोड़कर देख रहा है:
संपत्ति की बहाली: ईरान अपनी जमी हुई संपत्तियों (Frozen Assets) को तुरंत मुक्त करने की मांग कर रहा है।
सुरक्षा की गारंटी: भविष्य में किसी भी अमेरिकी हमले के खिलाफ ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी।
मिसाइल प्रोग्राम: ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने रक्षात्मक मिसाइल कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं करेगा।
4. मध्यस्थों की भूमिका
इस वार्ता में पाकिस्तान, ओमान और कतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस्लामाबाद को फिर से वार्ता के अगले दौर के लिए संभावित स्थल माना जा रहा है, हालांकि जिनेवा के नाम पर भी विचार चल रहा है।
ताजा स्थिति (Status Update)
वर्तमान में 7 अप्रैल से प्रभावी दो सप्ताह का युद्धविराम अपने अंतिम पड़ाव पर है। व्हाइट हाउस के सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप इस युद्धविराम को और दो सप्ताह बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं ताकि कूटनीति को एक और मौका दिया जा सके।
महत्वपूर्ण नोट: यदि अगले 48 घंटों में दूसरे दौर की वार्ता की तारीख और एजेंडा तय नहीं होता है, तो क्षेत्र में फिर से संघर्ष बढ़ने की आशंका है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चेतावनी दी है कि इस युद्ध का विस्तार वैश्विक मंदी का कारण बन सकता है।
