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​बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान से लिंक और भारत विरोधी प्रोपेगैंडा फैलाने के आरोप में भुवनेश्वर से युवक गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन

​बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान से लिंक और भारत विरोधी प्रोपेगैंडा फैलाने के आरोप में भुवनेश्वर से युवक गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन

​नई दिल्ली/भुवनेश्वर: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। आरोपी पर पाकिस्तान से संबंध रखने और सोशल मीडिया के जरिए भारत विरोधी कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप है।

​कोऑर्डिनेटेड ऑपरेशन में दबोचा गया आरोपी

​पकड़े गए युवक की पहचान शेख इमरान के रूप में हुई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस की मदद से 10 अप्रैल को एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया और उसे भुवनेश्वर के यूनिट-6 (कैपिटल पुलिस स्टेशन इलाका) से दबोच लिया। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया गया है।

​कैसे खुला राज? (डिजिटल फुटप्रिंट से पकड़)

​जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा एक हफ्ते पहले दिल्ली में हुआ था:

​दिल्ली लिंक: दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में कुछ युवाओं को पकड़ा था।

​ऑनलाइन नेटवर्क: पकड़े गए युवाओं के इंस्टाग्राम, फेसबुक, वॉट्सऐप और सिग्नल चैट के विश्लेषण (Analysis) के दौरान जांचकर्ताओं को ओडिशा के इस युवक के लिंक मिले।

​टेक्निकल सर्विलांस: दिल्ली पुलिस काफी समय से इमरान की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रख रही थी, जिसके बाद उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस की गई।

​सोशल मीडिया पर ‘कट्टरपंथ’ का खेल

​शुरुआती पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) के लिहाज से बेहद चिंताजनक हैं:

​रेडिकल ग्रुप: आरोपी एक ऐसे कट्टरपंथी गिरोह का हिस्सा था जो बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था।

​सीक्रेट चैटिंग: इमरान ‘सिग्नल’ और ‘वॉट्सऐप’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर एक बंद (Closed) नेटवर्क के जरिए कट्टरपंथी और धार्मिक रूप से संवेदनशील सामग्री प्रसारित कर रहा था।

​प्रोपेगैंडा: आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए भारत विरोधी प्रोपेगैंडा फैला रहा था और सीमा पार (पाकिस्तान) के चरमपंथी तत्वों के संपर्क में था।

​एजेंसियों की बढ़ी चिंता

​इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए फैलते ‘लोन वुल्फ’ और ‘ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन’ के खतरे को उजागर किया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं:

​क्या इमरान किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल या स्लीपर सेल का हिस्सा है?

​उसे सीमा पार से फंडिंग मिल रही थी या नहीं?

​इस नेटवर्क में और कितने युवक शामिल हैं?

​कमिश्नरेट पुलिस का बयान: “जांच एक संयुक्त प्रयास थी। दिल्ली पुलिस के पास ठोस इनपुट थे, जिसके आधार पर हमने आरोपी को पकड़ने में सहायता की। आगे की पूछताछ दिल्ली में की जाएगी।”

​निष्कर्ष: शेख इमरान से दिल्ली में विस्तृत पूछताछ की जाएगी ताकि उसके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां इसे एक बड़ी सफलता मान रही हैं, जिससे संभावित देश विरोधी गतिविधियों को समय रहते रोकने में मदद मिली है।

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