अंकिता भंडारी केस से जुड़ी उर्मिला सनावर की बढ़ी मुश्किलें; देहरादून में पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने दर्ज कराया मुकदमा
अंकिता भंडारी केस से जुड़ी उर्मिला सनावर की बढ़ी मुश्किलें; देहरादून में पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने दर्ज कराया मुकदमा
अंकिता भंडारी हत्याकांड के दौरान अपने कथित खुलासों से चर्चा में आई उर्मिला सनावर एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गई हैं। देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में उर्मिला के खिलाफ पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ की छवि खराब करने और अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
क्या है मुख्य विवाद?
मोथरोवाला चौक निवासी आरती गौड़ ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उर्मिला सनावर अपनी फेसबुक आईडी (एक्ट्रेस उर्मिला सुरेश राठौर) के जरिए उनके खिलाफ लगातार अपमानजनक पोस्ट कर रही हैं।
आरती गौड़ के मुख्य आरोप:
नंबर सार्वजनिक करना: आरोपी महिला ने आरती गौड़ का निजी मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसके बाद से उन्हें अज्ञात नंबरों से धमकियां मिल रही हैं।
बुलडोजर की मांग: पीड़िता का आरोप है कि उर्मिला सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भड़का रही हैं कि आरती गौड़ के घर पर बुलडोजर चलाया जाए।
मानसिक प्रताड़ना: आरती गौड़ के अनुसार, इन पोस्ट्स से उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि धूमिल हुई है और वे असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
अंकिता भंडारी केस और विवादित ऑडियो का कनेक्शन
उर्मिला सनावर तब चर्चा में आई थीं जब उन्होंने खुद को भाजपा के निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताते हुए एक ऑडियो क्लिप जारी की थी।
उस ऑडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड और मुख्य आरोपी पुलकित आर्या के वनतंतरा रिजॉर्ट को गिराए जाने का जिक्र था।
आरोप लगाया गया था कि आरती गौड़ ने ही रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलवाने के लिए जेसीबी भेजी थी। हालांकि, आरती गौड़ ने इन आरोपों का खंडन किया था और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए भाजपा से इस्तीफा दे दिया था।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब सोशल मीडिया पोस्ट्स और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। तथ्यों के आधार पर जल्द ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
कौन हैं उर्मिला सनावर?
सहारनपुर निवासी उर्मिला सनावर पूर्व विधायक सुरेश राठौर के साथ अपने संबंधों और अंकिता भंडारी केस से जुड़े दावों के कारण उत्तराखंड की राजनीति में विवादित चेहरा बनी हुई हैं। इससे पहले खुद सुरेश राठौर भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। वर्तमान में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई (CBI) के अधीन है।
निष्कर्ष: अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी कड़ियां अब आपसी विवादों और कानूनी मुकदमों में तब्दील होती दिख रही हैं। आरती गौड़ द्वारा दर्ज कराया गया यह मुकदमा इस मामले में नया मोड़ ले आया है।
