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नेपाल में पेट्रोल-डीजल संकट: सरकार ने लगाई दो दिन की साप्ताहिक छुट्टी

नेपाल में पेट्रोल-डीजल संकट: सरकार ने लगाई दो दिन की साप्ताहिक छुट्टी

इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति बाधित होने से नेपाल में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की भारी कमी तथा कीमतों में तेज उछाल आ गया है। इस संकट से निपटने के लिए नेपाल सरकार ने तात्कालिक उपाय के रूप में हर हफ्ते दो दिन (शनिवार और रविवार) सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान कर दिया है।

कैबिनेट का फैसला

रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया।

सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और गैर-जरूरी विभागों में शनिवार-रविवार को छुट्टी रहेगी।

यह व्यवस्था सोमवार ६ अप्रैल २०२६ से लागू हो गई है और आगे नोटिस तक जारी रहेगी।

उद्देश्य: वाहनों की आवाजाही कम करके पेट्रोल-डीजल की खपत घटाना और आर्थिक मितव्ययिता लाना।

संकट की वजह

ईरान युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मार्ग प्रभावित होने से मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति बाधित।

नेपाल पूरी तरह भारत (Indian Oil Corporation) पर निर्भर है, लेकिन वैश्विक कीमतों में उछाल से NOC (Nepal Oil Corporation) को भारी नुकसान हो रहा है।

पहले ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ९-१५ रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।

एविएशन फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी कर दी गई हैं, जिससे हवाई किराए बढ़ गए।

एलपीजी सिलेंडर आधे भरे दिए जा रहे हैं और पैनिक बाइंग से लंबी कतारें लग रही हैं।

अन्य उपाय जो चल रहे हैं

कार्यालयों का समय घटाकर ९ बजे से ४ बजे तक कर दिया गया।

सरकारी वाहनों को ५०% कम ईंधन आवंटन।

नागरिकों से ईंधन की बचत और अनावश्यक यात्रा न करने की अपील।

यह फैसला पहले भी २०२२ में ईंधन बचत के लिए लिया गया था, लेकिन अब युद्ध के कारण इसे फिर से लागू किया गया है। सरकार का कहना है कि यह अस्थायी उपाय है और स्थिति सामान्य होते ही समीक्षा की जाएगी।

नोट: नेपाल जैसे देशों में ईंधन संकट से आम जनजीवन, पर्यटन, रेमिटेंस और परिवहन सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए आधिकारिक सूचनाओं (Nepal Oil Corporation या सरकारी वेबसाइट) पर नजर रखें।

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