तेलंगाना सरकार का बड़ा ऐलान: ट्रांसजेंडर बनेंगे ड्रोन पायलट और होटल मैनेजर, समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का मिला मौका
यह महत्वपूर्ण घोषणा तेलंगाना सरकार द्वारा की गई है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक विशेष कौशल विकास कार्यक्रम (Skill Development Programme) शुरू किया है।
तेलंगाना सरकार का बड़ा ऐलान: ट्रांसजेंडर बनेंगे ड्रोन पायलट और होटल मैनेजर, समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का मिला मौका
हैदराबाद: ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति सामाजिक भेदभाव को खत्म करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेलंगाना सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य सरकार ने एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत ट्रांसजेंडर्स को हाई-टेक स्किल्स और स्वरोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य बातें:
सरकार ने इस योजना के लिए 91 ट्रांसजेंडर्स के पहले बैच को चुना है, जिन पर करीब 17.72 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जाएगी:
* ड्रोन पायलट ट्रेनिंग: बेगमपेट स्थित ‘तेलंगाना स्टेट एविएशन एकेडमी’ में 16 ट्रांसजेंडर्स को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृषि, सर्वे और इंडस्ट्री में बढ़ती ड्रोन की मांग को देखते हुए यह एक बड़ा अवसर है।
* होटल मैनेजमेंट और शेफ: ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटलिटी मैनेजमेंट’ (NITHM) द्वारा 25 लोगों को होटल मैनेजमेंट और कैंटीन शेफ का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे बड़े होटलों और रेस्टोरेंट्स में सम्मानजनक नौकरी पा सकें।
* कार ड्राइविंग: 50 ट्रांसजेंडर्स को ‘मारुति सुजुकी ड्राइविंग स्कूल’ के माध्यम से कार चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे वे कैब ड्राइवर के रूप में काम कर सकेंगे या खुद का वाहन चलाकर आजीविका कमा सकेंगे।
सम्मान और गरिमा के साथ जीने का अधिकार
राज्य के सशक्तिकरण मंत्री अडलुरी लक्ष्मण कुमार ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना ही नहीं, बल्कि समाज में उन्हें सम्मान और गरिमा दिलाना भी है।
“हम चाहते हैं कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग शिक्षा और कौशल के दम पर आत्म-सम्मान के साथ जिएं। यह तो बस शुरुआत है, आने वाले समय में ऐसे और भी अवसर पैदा किए जाएंगे।”
पहले भी लिए गए हैं बड़े फैसले
तेलंगाना सरकार ने हाल ही में हैदराबाद पुलिस के साथ मिलकर एक और पहल की थी, जिसमें कई ट्रांसजेंडर्स को ‘ट्रैफिक असिस्टेंट’ के रूप में नियुक्त किया गया था। अब ड्रोन और होटल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में उनकी एंट्री को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
निष्कर्ष: तेलंगाना सरकार की यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल पेश करती है। तकनीक और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ट्रांसजेंडर्स की भागीदारी से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि उनके प्रति सामाजिक नजरिए में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
