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ट्रंप ने ईरान को फिर दी कड़ी चेतावनी: कहा – समझौते या होर्मुज खोलने के लिए अब सिर्फ 48 घंटे बाकी, नहीं तो ‘अल हेल’ बरसेगा

ट्रंप ने ईरान को फिर दी कड़ी चेतावनी: कहा – समझौते या होर्मुज खोलने के लिए अब सिर्फ 48 घंटे बाकी, नहीं तो ‘अल हेल’ बरसेगा

वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान को एक बार फिर सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा कि समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने के लिए अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं। अगर ईरान ने यह समय सीमा नहीं मानी तो “all hell will reign down” यानी पूरे इलाके में कहर बरपेगा।

ट्रंप ने अपने Truth Social पोस्ट में लिखा, “याद है जब मैंने ईरान को 10 दिन दिए थे कि DEAL करो या HOORMUZ STRAIT खोल दो। समय खत्म हो रहा है — 48 घंटे बाद उन पर अल हेल बरसेगा। गॉड की महिमा हो!”

ट्रंप ने ईरान से मांग की है कि वह तुरंत होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए खोल दे और शांति समझौते पर सहमत हो जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान के बचे-खुचे बुनियादी ढांचे, तेल सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर भारी हमले होंगे।

विवाद की पृष्ठभूमि

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लगभग 20% तेल और LNG का परिवहन करता है। ईरान के हमलों के कारण यह रूट प्रभावित हुआ है, जिससे वैश्विक तेल कीमतें बढ़ी हैं।

ट्रंप ने पहले भी ईरान को होर्मुज खोलने के लिए अल्टीमेटम दिया था, लेकिन बाद में बातचीत के चलते कुछ समय के लिए हमलों को टाल दिया गया था। अब वे फिर से सख्त रुख अपनाते दिख रहे हैं।

हाल ही में बुशहर परमाणु संयंत्र पर हुए हमले और क्षेत्रीय तनाव के बीच यह चेतावनी आई है, जिससे खाड़ी देशों में रेडिएशन का खतरा बढ़ गया है।

ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान ने ट्रंप की चेतावनी को खारिज करते हुए कहा है कि वह किसी भी दबाव में नहीं आएगा। ईरानी अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर परमाणु सुविधाओं पर हमले जारी रहे तो रेडिएशन पूरे खाड़ी क्षेत्र (GCC देशों) को तबाह कर सकता है। ईरान का रुख है कि होर्मुज स्ट्रेट खोलने या समझौते के लिए अमेरिका को पहले अपनी आक्रामक नीति छोड़नी होगी।

क्षेत्रीय असर

खाड़ी देशों (सऊदी अरब, यूएई, कुवैत आदि) में तेल निर्यात और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें पहले से ही अस्थिर हैं। ट्रंप की नई चेतावनी से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर और दबाव पड़ सकता है।

IAEA ने परमाणु सुविधाओं पर किसी भी हमले की निंदा की है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।

ट्रंप का यह बयान ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच आया है, जहां दोनों तरफ से लगातार धमकियां और जवाबी कार्रवाई हो रही हैं। 48 घंटे की यह डेडलाइन 6 अप्रैल 2026 के आसपास पूरी होने वाली है, जिसके बाद स्थिति और गंभीर हो सकती है।

अभी तक ईरान की ओर से इस नई चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि टकराव बढ़ने की आशंका है।

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