परमाणु संयंत्र पर हमले को लेकर ईरान की चेतावनी: कहा – अगर रेडिएशन फैला तो खाड़ी के अन्य देश भी तबाह होंगे
परमाणु संयंत्र पर हमले को लेकर ईरान की चेतावनी: कहा – अगर रेडिएशन फैला तो खाड़ी के अन्य देश भी तबाह होंगे
तेहरान/दुबई: ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच ईरान ने बुशहर (Bushehr) परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए हमले को लेकर तीखी चेतावनी जारी की है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर इस संयंत्र पर हमला जारी रहा और रेडियोएक्टिव रेडिएशन फैला तो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के आसपास के देशों की राजधानियों में जीवन खत्म हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेडिएशन का असर तेहरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खाड़ी के देशों (GCC देशों) पर ज्यादा भारी पड़ेगा।
बुशहर पर हमले की घटना
ईरानी मीडिया और अधिकारियों के अनुसार, शनिवार सुबह बुशहर परमाणु संयंत्र की बाहरी सीमा पर एक प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या गोला) गिरा। इसमें एक सुरक्षा कर्मी की मौत हो गई और संयंत्र की एक सहायक इमारत को नुकसान पहुंचा। हालांकि, मुख्य रिएक्टर सुरक्षित बताया जा रहा है और अभी तक कोई रेडिएशन लीक की पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान का आरोप है कि यह हमला अमेरिका और इजरायल की ओर से किया गया। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने भी चिंता जताई है और कहा कि परमाणु सुविधाओं पर हमले से क्षेत्रीय स्तर पर बड़ा रेडियोलॉजिकल खतरा पैदा हो सकता है।
ईरान की चेतावनी में क्या कहा?
अराघची ने कहा, “अगर बुशहर संयंत्र क्षतिग्रस्त हुआ और रेडिएशन निकला तो फारस की खाड़ी के पानी में प्रदूषण फैलेगा, जो खाड़ी के दक्षिणी तट वाले देशों के पीने के पानी का मुख्य स्रोत है। इससे बड़े पैमाने पर इलाकों को खाली करना पड़ सकता है।”
उन्होंने दोहराया कि रेडिएशन तेहरान में नहीं, बल्कि खाड़ी देशों (जैसे सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन, कतर) की राजधानियों में ज्यादा तबाही मचाएगा।
ईरान ने IAEA से भी मांग की है कि परमाणु सुविधाओं पर हमलों की निंदा करे और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताए।
IAEA और क्षेत्रीय चिंता
IAEA प्रमुख ग्रॉसी ने बार-बार चेतावनी दी है कि परमाणु संयंत्रों पर सैन्य हमले “बहुत गंभीर परिणाम” ला सकते हैं, जो सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेंगे। खाड़ी देशों में रेडिएशन लीक की आशंका से पहले ही अलर्ट जारी किए जा चुके हैं। कुछ देशों ने नागरिकों को घरों में रहने और खिड़कियां सील करने जैसी सलाह दी है।
बुशहर ईरान का एकमात्र सक्रिय परमाणु पावर प्लांट है, जो रूस की मदद से बना है। यहां रिएक्टर में बड़ी मात्रा में परमाणु सामग्री मौजूद है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कूलिंग सिस्टम प्रभावित हुआ या रिएक्टर क्षतिग्रस्त हुआ तो फुकुशिमा जैसी आपदा हो सकती है, जिसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ेगा।
पृष्ठभूमि
यह चेतावनी ईरान पर अमेरिका-इजरायल के लगातार हमलों के बीच आई है। पहले नतांज (Natanz), फोर्डो (Fordow) और अन्य यूरेनियम संवर्धन सुविधाओं पर हमले हो चुके हैं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में इजरायल और क्षेत्रीय ठिकानों को निशाना बनाया है।
वर्तमान में संघर्ष का कोई तत्काल समाधान नजर नहीं आ रहा है, जबकि IAEA ने सभी पक्षों से “अधिकतम संयम” बरतने की अपील की है। रेडिएशन का खतरा पूरी क्षेत्रीय सुरक्षा और पर्यावरण के लिए बड़ा सवाल बन गया है।
