पीएम मोदी का केरल में तीखा हमला: “केरलम की जनता ने LDF सरकार की विदाई पक्की कर ली”
पीएम मोदी का केरल में तीखा हमला: “केरलम की जनता ने LDF सरकार की विदाई पक्की कर ली”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान पलक्कड़ (Palakkad) में NDA की विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ LDF (Left Democratic Front) और विपक्षी UDF (United Democratic Front) पर जोरदार प्रहार किया।
मोदी के मुख्य बयान
उन्होंने कहा कि दशकों से LDF और UDF ने मिल-बांटकर केरल को लूटा है। दोनों के बीच एक अनौपचारिक समझौता रहा है — कुछ साल LDF सरकार चलाकर पॉकेट भर ले, फिर UDF का नंबर।
“केरलम अब स्वार्थी राजनीति के दो मुखौटों के बीच फंसा नहीं रहेगा। केरलम की जनता ने LDF सरकार की विदाई पक्की कर ली है।”
मोदी ने दावा किया कि इस बार केरल का माहौल पूरी तरह अलग है — बदलाव का संदेश साफ दिख रहा है। युवा, महिलाएं और किसान BJP-NDA के साथ खड़े हो रहे हैं।
LDF-UDF शासन में केरल पर भारी कर्ज (लगभग 5 लाख करोड़ रुपये बताया गया कुछ रिपोर्ट्स में), युवाओं का पलायन, भ्रष्टाचार और विकास की कमी पर सवाल उठाए।
पीएम ने BJP-NDA को केरल का एकमात्र “A-Team” बताया और “विकसित केरलम” (Viksit Keralam) का विजन रखा। उन्होंने केंद्र की योजनाओं (महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए) को आगे बढ़ाने का वादा किया।
संदर्भ और चुनावी माहौल
यह बयान 29 मार्च 2026 को पलक्कड़ की रैली में दिया गया (कुछ रिपोर्ट्स में 30 मार्च के आसपास)।
केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल 2026 को एक चरण में होने हैं, नतीजे 4 मई को आएंगे।
केरल में पारंपरिक रूप से LDF (सीपीआई(M) के नेतृत्व में) और UDF (कांग्रेस के नेतृत्व में) का ही वर्चस्व रहा है। BJP-NDA इस बार ज्यादा सीटों पर दावा कर रही है और स्थानीय निकाय चुनावों में मिली सफलता का जिक्र कर रही है।
यह बयान शशि थरूर पर हुए हमले (जिसकी चर्चा पहले हुई) के बाद आया है, जहां चुनावी हिंसा और सुरक्षा के मुद्दे भी गरमा रहे हैं।
नोट: राजनीतिक बयान हमेशा चुनावी रणनीति का हिस्सा होते हैं। LDF सरकार (पिनरई विजयन के नेतृत्व में) अपना कामकाज बताती रही है, जबकि विपक्ष भ्रष्टाचार और विकास की कमी के आरोप लगाता रहा है। अंतिम फैसला जनता के वोट से होगा।
आपका क्या विचार है?
केरल में इस बार असली बदलाव की संभावना है या LDF-UDF का पारंपरिक खेल जारी रहेगा? पलक्कड़ रैली या मोदी के अन्य बयानों पर आपकी राय क्या है? कमेंट में बताएं।
