अन्तर्राष्ट्रीय

अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में भूकंप ने मचाई तबाही

अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में भूकंप ने मचाई तबाही

3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र (बदख्शान प्रांत के पास) में एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में था। इससे भारी तबाही हुई है।

भूकंप की मुख्य डिटेल्स

तीव्रता: 5.9 (कुछ रिपोर्ट्स में 5.8 या 5.5 भी बताई गई)।

समय: शाम करीब 4:12 UTC (भारतीय समय के अनुसार रात के आसपास)।

गहराई: लगभग 175-186 किलोमीटर (गहरी होने के कारण झटके दूर-दूर तक महसूस हुए, लेकिन सतही क्षति कुछ कम)।

एपिसेंटर: बदख्शान प्रांत के जुरम या आसपास के इलाके, पाकिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा के निकट।

तबाही और जान-माल का नुकसान

मृत्यु: अफगानिस्तान की नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार काबुल में एक मकान ढहने से 8 लोगों की मौत हो गई। एक बच्चा घायल हुआ।

कुछ रिपोर्ट्स में कुल मौतों की संख्या 8 से 12 तक बताई जा रही है, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और आंकड़े बढ़ सकते हैं।

क्षति: मुख्य रूप से काबुल और आसपास के इलाकों में घरों को नुकसान। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन या अन्य जोखिम की आशंका।

ताजिकिस्तान और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में भी नुकसान की संभावना, लेकिन अभी प्रमुख रिपोर्ट्स अफगानिस्तान पर केंद्रित हैं।

झटके कहां-कहां महसूस हुए?

भूकंप के झटके दूर तक महसूस किए गए:

अफगानिस्तान (काबुल समेत)।

पाकिस्तान (इस्लामाबाद, पेशावर, खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब के कुछ हिस्से, गिलगित-बल्तिस्तान)।

भारत (दिल्ली-NCR, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तर भारत के कई इलाके) – यहां झटके 20-30 सेकंड तक महसूस हुए, लोग घबरा कर घरों से बाहर निकले।

यह क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से सक्रिय है (हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला टेक्टॉनिक प्लेट्स के टकराव का इलाका है), इसलिए यहां बार-बार ऐसे झटके आते रहते हैं।

राहत और बचाव कार्य

अफगानिस्तान में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो चुके हैं।

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंची हुई हैं।

अभी तक ताजिकिस्तान या भारत-पाकिस्तान से बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

नोट: भूकंप की गहराई ज्यादा होने से सतही तबाही सीमित रही, लेकिन पहाड़ी और कमजोर इमारतों वाले इलाकों में खतरा बना हुआ है।

यह घटना दुखद है। प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना। अफगानिस्तान जैसे संघर्ष प्रभावित देश में राहत कार्य चुनौतीपूर्ण होते हैं, उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय मदद जल्द मिलेगी।

अपडेट: स्थिति अभी विकसित हो रही है। अगर आपके पास कोई नई जानकारी या स्थानीय अपडेट है तो शेयर करें। भूकंप क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क रहना चाहिए – भारी सामान से दूर, इमरजेंसी किट तैयार रखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *