सहारनपुर: मदरसे में मासूम पर बरपा कहर, 42 सेकंड में बरसाईं 36 लाठियां; दो आरोपी गिरफ्तार
सहारनपुर: मदरसे में मासूम पर बरपा कहर, 42 सेकंड में बरसाईं 36 लाठियां; दो आरोपी गिरफ्तार
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में एक मदरसे में 10 साल के मासूम बच्चे के साथ हुई बर्बर पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है।
घटना क्या है?
स्थान: गंगोह क्षेत्र के दार-उल-उलूम मदरसा (या दारुल उलूम जकिया)।
पीड़ित: करीब 10 वर्षीय बच्चा।
आरोपी: दो मौलाना — जुनैद और शोएब।
घटना का विवरण: वीडियो में एक आरोपी बच्चे को उल्टा लटकाकर (पैर पकड़कर) पकड़े हुए है, जबकि दूसरे आरोपी ने छड़ी/डंडे से तेजी से वार किए। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 36-42 वार मात्र 42 सेकंड (या दो मिनट) में किए गए। बच्चा दर्द से चीखता और “पापा… पापा…” चिल्लाता रहा, लेकिन पिटाई जारी रही।
समय: घटना करीब 6 महीने पुरानी बताई जा रही है, लेकिन वीडियो शुक्रवार (4 अप्रैल 2026 के आसपास) सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
पुलिस की कार्रवाई
दोनों आरोपी मौलानाओं को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
गंगोह थाने में केस दर्ज किया गया।
धाराएं: बच्चों के खिलाफ हिंसा, POCSO एक्ट (कुछ रिपोर्ट्स में) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामले दर्ज।
आरोपीयों का दावा: बच्चा बार-बार मदरसे से भाग जाता था, इसलिए सजा दी गई। पुलिस इसे स्वीकार नहीं कर रही और जांच जारी है।
यह घटना बेहद निंदनीय है। किसी भी संस्थान में, चाहे वो मदरसा हो, स्कूल हो या कोई और, बच्चों के साथ शारीरिक हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। बच्चे शिक्षा के लिए जाते हैं, न कि यातना झेलने। उत्तर प्रदेश पुलिस ने वीडियो वायरल होते ही तेजी से कार्रवाई की, जो सराहनीय है।
अब जरूरी है कि:
बच्चे का मेडिकल चेकअप और काउंसलिंग हो।
मदरसे में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त निगरानी और नियम लागू हों।
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
ऐसी घटनाएं समाज में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं। अभिभावकों को भी बच्चों के मदरसा/स्कूल में व्यवहार पर नजर रखनी चाहिए। अगर आपके पास इस मामले की कोई अतिरिक्त जानकारी या अपडेट है, तो बताएं।
