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म्यांमार में ‘सैनिक राज’ पर लोकतंत्र की मुहर? तख्तापलट करने वाले जनरल मिन आंग ह्लाइंग चुने गए राष्ट्रपति

म्यांमार में साल 2021 में तख्तापलट कर सत्ता हथियाने वाले सैन्य जुंटा प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग अब आधिकारिक तौर पर देश के राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को म्यांमार की संसद में हुए मतदान के बाद उनके नाम की घोषणा की गई।

म्यांमार में ‘सैनिक राज’ पर लोकतंत्र की मुहर? तख्तापलट करने वाले जनरल मिन आंग ह्लाइंग चुने गए राष्ट्रपति

नेप्यीदा (म्यांमार): म्यांमार के सैन्य शासक सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने देश की कमान अब ‘राष्ट्रपति’ के तौर पर संभाल ली है। शुक्रवार को राजधानी नेप्यीदा में संसद के दोनों सदनों (यूनियन पार्लियामेंट) की संयुक्त बैठक में हुए चुनाव में ह्लाइंग को भारी बहुमत से विजेता घोषित किया गया।

चुनाव के नतीजे और आंकड़े

संसदीय चुनाव में कुल 584 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें मिन आंग ह्लाइंग को एकतरफा जीत मिली:

* मिन आंग ह्लाइंग: 429 वोट हासिल कर राष्ट्रपति बने।

* यू न्यो सॉ (U Nyo Saw): 126 वोट पाकर उपराष्ट्रपति चुने गए।

* नान नी नी अये: 29 वोट मिले, वे देश की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनेंगी।

तख्तापलट से राष्ट्रपति भवन तक का सफर

मिन आंग ह्लाइंग वही सैन्य अधिकारी हैं जिन्होंने 1 फरवरी 2021 को लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई आंग सान सू ची की सरकार का तख्तापलट किया था।

* वजह: ह्लाइंग ने 2020 के चुनावों में भारी धांधली का आरोप लगाया था।

* सत्ता पर पकड़: पिछले 5 वर्षों से वे ‘स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन काउंसिल’ के अध्यक्ष और कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में देश चला रहे थे।

* संवैधानिक बदलाव: राष्ट्रपति बनने के लिए ह्लाइंग ने हाल ही में सेना प्रमुख (Commander-in-Chief) का पद छोड़ दिया था, क्योंकि म्यांमार का संविधान राष्ट्रपति को सक्रिय सैन्य पद पर रहने की अनुमति नहीं देता। उनकी जगह उनके वफादार ये विन ऊ (Ye Win Oo) को सेना की कमान सौंपी गई है।

विपक्ष और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

जहाँ एक ओर चीन और रूस जैसे देशों ने ह्लाइंग को बधाई दी है, वहीं पश्चिमी देशों और मानवाधिकार संगठनों ने इस चुनाव को “ढोंग” (Sham Election) करार दिया है।

* एकतरफा चुनाव: विपक्षी दल ‘नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी’ (NLD) को पहले ही भंग कर दिया गया था और सू ची समेत कई बड़े नेता जेल में हैं।

* सैन्य दबदबा: संसद में 25% सीटें सेना के लिए आरक्षित हैं और बाकी सीटों पर भी सेना समर्थित ‘यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी’ (USDP) का कब्जा है।

* गृह युद्ध: देश के कई हिस्सों में अभी भी जुंटा शासन और विद्रोही समूहों (PDF) के बीच खूनी संघर्ष जारी है।

क्या बदलेगा म्यांमार में?

जानकारों का मानना है कि राष्ट्रपति बनकर मिन आंग ह्लाइंग अपनी सत्ता को ‘संवैधानिक वैधता’ दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, जमीन पर लोकतंत्र की बहाली और आंग सान सू ची की रिहाई जैसे मुद्दों पर फिलहाल कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।

मुख्य बिंदु:

* शपथ ग्रहण: अगले सप्ताह होने की संभावना।

* नया पद: राष्ट्रपति (सिविलियन हेड के तौर पर)।

* पूर्व स्थिति: तख्तापलट के बाद से सैन्य तानाशाह।

* विवाद: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल।

 

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