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NCERT बना ‘यूनिवर्सिटी’: सरकार ने दिया ‘डीम्ड टु बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा, अब खुद चलाएगा डिग्री कोर्स

भारत सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। अब NCERT केवल स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने वाली संस्था नहीं रहेगी, बल्कि इसे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक पूर्ण विश्वविद्यालय की शक्तियां मिल गई हैं।

NCERT बना ‘यूनिवर्सिटी’: सरकार ने दिया ‘डीम्ड टु बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा, अब खुद चलाएगा डिग्री कोर्स

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने NCERT (National Council of Educational Research and Training) को ‘डीम्ड टु बी यूनिवर्सिटी’ (Deemed-to-be-University) का दर्जा प्रदान कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब NCERT एक स्वायत्त विश्वविद्यालय की तरह काम कर सकेगा और अपने स्वयं के स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और डॉक्टरेट (PhD) कोर्स संचालित कर सकेगा।

सरकार के इस फैसले के मुख्य बिंदु:

* डिग्री देने का अधिकार: अब तक NCERT के विभिन्न क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE) स्थानीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध थे। अब NCERT खुद अपनी डिग्री प्रदान करेगा।

* नए कैंपस और कोर्स: NCERT को अब देशभर में अपने नए कैंपस खोलने और आधुनिक कोर्स (जैसे- बाल शिक्षा, खेल, कौशल विकास) शुरू करने की पूरी आजादी होगी।

* शिक्षक प्रशिक्षण में क्रांतिकारी बदलाव: यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों के प्रशिक्षण (Teacher Training) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना है।

* अनुसंधान (Research) को बढ़ावा: यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने से NCERT में अनुसंधान और नवाचार के लिए फंड और संसाधनों की उपलब्धता बढ़ जाएगी।

विद्यार्थियों और शिक्षकों को क्या होगा फायदा?

* विशेषज्ञता: छात्रों को शिक्षा और शोध के क्षेत्र में देश की सबसे प्रतिष्ठित संस्था से सीधे डिग्री प्राप्त करने का मौका मिलेगा।

* वैश्विक पहचान: NCERT द्वारा दी गई डिग्रियों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विश्वविद्यालय की डिग्री के रूप में अधिक मान्यता मिलेगी।

* इनोवेटिव करिकुलम: NCERT अब शिक्षा के बदलते स्वरूप के अनुसार तेजी से अपने कोर्स डिजाइन कर सकेगा।

शिक्षा मंत्री का बयान: “NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देना शिक्षा के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर साबित होगा। यह संस्थान अब न केवल भारत के लिए बल्कि दुनिया के लिए ‘ग्लोबल हब’ के रूप में उभरेगा।”

NCERT के बारे में संक्षिप्त जानकारी

NCERT की स्थापना 1961 में स्कूली शिक्षा में सुधार और सरकार को सलाह देने के लिए की गई थी। इसके क्षेत्रीय संस्थान (RIE) अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर, मैसूर और शिलांग में स्थित हैं, जो अब इस नई यूनिवर्सिटी के मुख्य केंद्रों के रूप में कार्य करेंगे।

 

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