उत्तराखंड में मौसम का ‘यू-टर्न’: 8 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, चारधाम की तैयारियों के बीच बदला मिजाज
उत्तराखंड में मौसम का ‘यू-टर्न’: 8 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, चारधाम की तैयारियों के बीच बदला मिजाज
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के आगाज से ठीक पहले मौसम ने करवट बदल ली है। उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने 3 अप्रैल से 8 अप्रैल तक के लिए राज्य में मौसम का व्यापक अलर्ट जारी किया है। अगले छह दिनों तक राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि ऊंची चोटियों पर भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
3 से 8 अप्रैल: दिन-वार मौसम का हाल
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश का पैटर्न कुछ इस प्रकार रहेगा:
* 3 अप्रैल (शुक्रवार): ऊधम सिंह नगर को छोड़कर राज्य के 12 जिलों में बारिश का अनुमान है। देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी, जबकि 3500 मीटर से ऊंचे क्षेत्रों में बर्फ गिरेगी।
* 4 अप्रैल (शनिवार): इस दिन पूरे प्रदेश में बादल बरसेंगे। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मैदानी जिले हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी बारिश होगी।
* 5 अप्रैल (रविवार): पूरे राज्य में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहेगी। बर्फबारी की ऊंचाई घटकर 3300 मीटर तक आ सकती है।
* 6 और 7 अप्रैल: बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पर्वतीय जिलों में मध्यम वर्षा और 3500 मीटर से ऊंचे स्थानों पर हिमपात की संभावना है।
* 8 अप्रैल (बुधवार): यात्रा मार्ग सहित पूरे उत्तराखंड में बारिश का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
तापमान में उतार-चढ़ाव का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी जा सकती है, लेकिन उसके बाद बारिश और बर्फबारी के प्रभाव से तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी, जिससे ठंड का अहसास बढ़ेगा।
चारधाम यात्रियों और प्रशासन के लिए चेतावनी
अप्रैल के दूसरे सप्ताह से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के मद्देनजर यह अलर्ट काफी महत्वपूर्ण है।
* ऊंची चोटियों पर बर्फबारी: चमोली (बद्रीनाथ), रुद्रप्रयाग (केदारनाथ) और उत्तरकाशी (गंगोत्री-यमुनोत्री) में 3300-3500 मीटर की ऊंचाई पर बर्फबारी से ठंड बढ़ सकती है।
* सड़क मार्ग: बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है, जिसे देखते हुए यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेष नोट: प्रशासन ने यात्रा की तैयारियों में लगे कर्मियों और स्थानीय निवासियों को बदलते मौसम के अनुसार एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।
