महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की बड़ी तैयारी: 16 से 18 अप्रैल को संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र, संशोधन बिल पास कराएगी सरकार
महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की बड़ी तैयारी: 16 से 18 अप्रैल को संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र, संशोधन बिल पास कराएगी सरकार
नई दिल्ली: केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) को 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए तेजी से कदम उठा रही है। सूत्रों के मुताबिक, 16 से 18 अप्रैल 2026 तक संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जा सकता है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम में जरूरी संवैधानिक संशोधन बिल पेश किया जाएगा और उसे पारित कराया जाएगा।
यह विशेष सत्र मुख्य रूप से महिला आरक्षण के शीघ्र कार्यान्वयन पर केंद्रित होगा। सरकार का प्लान है कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 कर दिया जाए (लगभग 50% की वृद्धि)। इन नई सीटों में से एक-तिहाई (लगभग 273) महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे पुरानी सीटों पर मौजूदा सांसदों (ज्यादातर पुरुष) को कोई नुकसान नहीं होगा और आरक्षण आसानी से लागू हो सकेगा।
क्या है प्रस्तावित बदलाव?
50+33 फॉर्मूला: लोकसभा सीटें 50% बढ़ाई जाएंगी और कुल सीटों में 33% महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।
परिसीमन प्रक्रिया: 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर नए निर्वाचन क्षेत्र बनाए जाएंगे।
संविधान संशोधन: दो संवैधानिक संशोधन बिल लाए जाएंगे — एक सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए और दूसरा आरक्षण को परिसीमन से अलग करके जल्द लागू करने के लिए।
लक्ष्य: 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण लागू करना, ताकि 2034 तक इंतजार न करना पड़े।
विपक्ष का रुख
विपक्षी दलों (खासकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन) ने सरकार पर U-turn का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 2023 में जब बिल पास हुआ था, तब सरकार ने कहा था कि आरक्षण जनगणना और परिसीमन के बाद ही लागू होगा। अब सरकार 2011 जनगणना के आधार पर जल्दी लागू करना चाहती है। विपक्ष ने ऑल पार्टी मीटिंग की मांग की है, लेकिन सरकार इसे बंगाल चुनाव (मई 2026) के बाद करने को तैयार है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे “मास डाइवर्सन” बताया और कहा कि सरकार विदेश नीति की नाकामी और आर्थिक मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है।
पृष्ठभूमि
नारी शक्ति वंदन अधिनियम सितंबर 2023 के विशेष सत्र में पास हुआ था।
मूल कानून में आरक्षण को अगली जनगणना और उसके बाद परिसीमन के बाद लागू करने का प्रावधान था।
अब सरकार इसे 2029 चुनाव से पहले लागू करने के लिए संशोधन ला रही है।
अभी तक इस विशेष सत्र की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स में 16-18 अप्रैल की तारीखें काफी पुख्ता मानी जा रही हैं। यदि बजट सत्र (जो 2 अप्रैल को समाप्त होने वाला है) बढ़ाया जाता है तो बिल उसी में भी पेश हो सकता है, लेकिन विशेष सत्र की संभावना मजबूत है।
यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की बड़ी पहल माना जा रहा है, हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा और सहमति बनाने की प्रक्रिया जारी है।
