मिडिल ईस्ट संकट: भारतीय अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सरकार का ‘मास्टर प्लान’
मिडिल ईस्ट संकट: भारतीय अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सरकार का ‘मास्टर प्लान’
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच भारत सरकार ने घरेलू बाजार में स्थिरता बनाए रखने और निर्यातकों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त, वाणिज्य और पेट्रोलियम मंत्रालयों की संयुक्त ब्रीफिंग में देश की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
1. पेट्रोकेमिकल सेक्टर: कस्टम ड्यूटी हुई ‘शून्य’
वित्त मंत्रालय के अधिकारी संजय मंगल ने उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोकेमिकल इनपुट्स पर टैक्स छूट का ऐलान किया है।
* बड़ा फैसला: सरकार ने चुनिंदा पेट्रोकेमिकल इनपुट पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 0% कर दी है।
* अवधि: यह छूट फिलहाल 3 महीने के लिए लागू रहेगी।
* राजस्व पर प्रभाव: इस फैसले से सरकार को लगभग 1800 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
* किसे होगा फायदा? इस कटौती से प्लास्टिक, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कच्चे माल की आपूर्ति स्थिर रहेगी और लागत कम होगी।
2. निर्यातकों को राहत: शिपिंग में देरी पर नहीं लगेगा जुर्माना
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के एडिशनल सचिव लव अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि खाड़ी देश (GCC) भारत के महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार हैं। युद्ध जैसी स्थिति से निर्यात प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष उपाय किए गए हैं:
* समय सीमा में विस्तार: निर्यात दायित्व (Export Obligation) को पूरा करने की अवधि 3 महीने के लिए बढ़ा दी गई है।
* जुर्माने से छूट: आभूषण निर्यातकों को शिपिंग में देरी होने पर अब कोई पेनल्टी नहीं देनी होगी।
* RoDTEP स्कीम: ‘निर्यात उत्पादों पर शुल्कों और करों की छूट’ (RoDTEP) की दरों को बहाल कर 100% कर दिया गया है।
* प्रभावित क्षेत्र: सरकार विशेष रूप से खाद्य एवं कृषि, इंजीनियरिंग सामान, रत्न-आभूषण, और फार्मा सेक्टर पर बारीकी से नजर रख रही है।
3. ऊर्जा सुरक्षा: पेट्रोल-डीजल और गैस की निर्बाध आपूर्ति
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि ईंधन की आपूर्ति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
ईंधन और कीमतों की स्थिति:
* देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और पंप की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
* घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की आपूर्ति 100% सुनिश्चित की जा रही है।
* जरूरत को देखते हुए 8 राज्यों में 10% अतिरिक्त गैस की आपूर्ति की गई है।
PNG और LPG का नया डेटा:
* PNG विस्तार: देश में 2.90 लाख नए PNG कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे कुल 3.33 लाख कनेक्शनों को गैस मिल रही है।
* LPG ट्रेंड: 23 मार्च के बाद से 4.30 लाख (5 किलो वाले) FTL सिलेंडरों की रिकॉर्ड बिक्री हुई है, जबकि 12,400 लोगों ने अपने पुराने LPG कनेक्शन वापस किए हैं।
निष्कर्ष: सरकार का मुख्य उद्देश्य सप्लाई चेन में आने वाली किसी भी बाधा को रोकना और वैश्विक अस्थिरता के बावजूद आम जनता एवं उद्योगों को महंगाई और किल्लत से बचाना है।
