₹250 करोड़ लेकर भी केरल नहीं पहुंचे मेसी, सरकार लेगी लीगल एक्शन: स्पोर्ट्स मिनिस्टर का बड़ा आरोप
₹250 करोड़ लेकर भी केरल नहीं पहुंचे मेसी, सरकार लेगी लीगल एक्शन: स्पोर्ट्स मिनिस्टर का बड़ा आरोप
मलप्पुरम/तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार के लिए बड़ा झटका। राज्य के खेल मंत्री वी. अब्दुरहीमान ने आज आरोप लगाया कि लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना फुटबॉल टीम ने ₹250 करोड़ की स्पॉन्सरशिप राशि लेने के बाद भी केरल में मैच खेलने का वादा पूरा नहीं किया। मंत्री ने इसे “धोखा” और “बेईमानी” करार दिया और कहा कि अर्जेंटीना टीम के खिलाफ लीगल एक्शन लिया जा सकता है, जिसमें मुआवजे की मांग भी शामिल है।
मंत्री ने मलप्पुरम में मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं बहुत चाहता था कि मेसी और अर्जेंटीना टीम केरल आए और मैच खेलें। इसके लिए कई बैठकें हुईं। इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय टीम लाने के लिए ₹250 करोड़ जुटाना आसान नहीं था। स्पॉन्सरशिप का इंतजाम किया गया, लेकिन पैसे लेने के बाद टीम ने हमें धोखा दिया। हमने ऐसा विश्वासघात कभी उम्मीद नहीं किया था।”
क्या है पूरा मामला?
केरल सरकार और उसके कमर्शियल पार्टनर (रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी) ने अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) के साथ समझौता किया था कि विश्व कप विजेता टीम अक्टूबर-नवंबर 2025 के इंटरनेशनल विंडो में केरल (संभवतः कोच्चि) में फ्रेंडली मैच खेलेगी।
स्पॉन्सरशिप के तौर पर करीब ₹130-250 करोड़ (विभिन्न रिपोर्ट्स में आंकड़े अलग-अलग) की राशि AFA को दी गई।
बाद में AFA ने मैच रद्द कर दिया या रीशेड्यूल करने की बात कही, जिसे केरल सरकार ने ठुकरा दिया।
मंत्री ने दावा किया कि अर्जेंटीना ने पहले भी पांच अन्य देशों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया है — पैसे लेकर मैच नहीं खेला।
अब्दुरहीमान ने स्पष्ट कहा कि अब मामले को लीगल तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय अदालत में केस फाइल किया जा सकता है और अर्जेंटीना टीम से मुआवजा वसूला जाएगा। कुछ रिपोर्ट्स में स्पॉन्सर के नुकसान को ₹230 करोड़ बताया गया है, जबकि कुल मुआवजा ₹500 करोड़ तक पहुंच सकता है।
फैंस और राजनीतिक प्रतिक्रिया
केरल फुटबॉल फैंस में गुस्सा है। कई सालों से मेसी को केरल लाने की चर्चा चल रही थी, लेकिन हर बार निराशा हाथ लगी। कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि “मेसी मिसिंग” हो गया।
यह घटना ऐसे समय में आई है जब केरल फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़े दावे कर रही थी। अब देखना होगा कि लीगल एक्शन कितना आगे बढ़ता है और AFA की तरफ से क्या जवाब आता है।
अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से अभी इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
