अन्तर्राष्ट्रीय

ब्रिटेन जंग में नहीं होगा शामिल, होर्मुज खोलने के लिए बुलाई 35 देशों की मीटिंग — स्टार्मर का साफ ऐलान

ब्रिटेन जंग में नहीं होगा शामिल, होर्मुज खोलने के लिए बुलाई 35 देशों की मीटिंग — स्टार्मर का साफ ऐलान

1 अप्रैल 2026 को ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान युद्ध ब्रिटेन की लड़ाई नहीं है और ब्रिटेन इस संघर्ष में शामिल नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा, “This is not our war” और ब्रिटेन को इसमें खींचे जाने से इनकार कर दिया।

ट्रंप के दबाव और आलोचना के बावजूद स्टार्मर ने राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हुए युद्ध से दूरी बनाए रखने का फैसला लिया। ट्रंप ने हाल ही में ब्रिटेन समेत यूरोपीय देशों को “go get your own oil” कहकर तंज कसा था।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर 35 देशों की बैठक

स्टार्मर ने घोषणा की कि ब्रिटेन इस हफ्ते 35 देशों की बैठक की मेजबानी करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और सुरक्षित जहाजरानी बहाल करना है।

विदेश सचिव यवेट कोपर गुरुवार को इस वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करेंगी।

बैठक में कूटनीतिक और राजनीतिक उपायों पर चर्चा होगी — लड़ाई रुकने के बाद होर्मुज में स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करना, फंसे जहाजों और नाविकों की सुरक्षा, और तेल-गैस की आपूर्ति बहाल करना।

शामिल प्रमुख देश: फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, UAE आदि। कई देश पहले ही एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर कर चुके हैं, जिसमें होर्मुज में सुरक्षित गुजर की प्रतिबद्धता जताई गई है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?

ईरान ने अमेरिका-इजरायल हमलों के जवाब में होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर रखा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई है और कीमतें बढ़ गई हैं।

ब्रिटेन इस बैठक के जरिए कूटनीतिक प्रयास पर जोर दे रहा है, न कि सैन्य हस्तक्षेप पर।

स्टार्मर ने चेतावनी दी कि यह संकट ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन स्तर पर असर डालेगा, इसलिए जल्द से जल्द होर्मुज खोलना जरूरी है।

ब्रिटेन ने पहले अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी (रक्षात्मक कार्रवाइयों के लिए), लेकिन अब साफ तौर पर युद्ध से अलग रहने और शांति व कूटनीति के रास्ते पर चलने का संदेश दिया है।

ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में तनाव बढ़ रहा है, लेकिन ब्रिटेन NATO के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए भी ईरान युद्ध से दूर रहने पर अड़ा हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *