राजनीति

राज्यसभा से CAPF और बैंकरप्सी बिल पारित, लोकसभा से जन विश्वास बिल पास — संसद के बजट सत्र में अहम विकास

राज्यसभा से CAPF और बैंकरप्सी बिल पारित, लोकसभा से जन विश्वास बिल पास — संसद के बजट सत्र में अहम विकास

1 अप्रैल 2026 (बुधवार) को संसद के बजट सत्र में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर कार्रवाई हुई। राज्यसभा ने दो बिल पास कर दिए, जबकि लोकसभा में एक बिल पास हुआ। इन बिलों का उद्देश्य सुरक्षा बलों की प्रशासनिक व्यवस्था सुधारना, दिवालिया प्रक्रिया को तेज करना और छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना है।

1. CAPF (General Administration) Bill 2026 — राज्यसभा से पास

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को राज्यसभा ने वॉइस वोट से पारित कर दिया।

मुख्य प्रावधान:

CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB जैसे CAPF बलों में भर्ती, पदोन्नति, डेपुटेशन और सेवा शर्तों को एकीकृत और सुव्यवस्थित करना।

Group-A अधिकारियों के लिए एकसमान नियम।

IG और उससे ऊपर के पदों पर IPS अधिकारियों की नियुक्ति को औपचारिक रूप देना।

विपक्ष का विरोध: AAP, कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्यों ने बिल का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को पलटने वाला बताया और सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की। विरोध के दौरान कई सांसद सदन से वॉकआउट भी कर गए।

सरकार का तर्क: यह बिल CAPF जवानों और अधिकारियों की सेवा शर्तों में सुधार लाएगा और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगा।

2. Insolvency and Bankruptcy Code (Amendment) Bill 2026 — राज्यसभा से पास

बैंकरप्सी बिल (IBC संशोधन) को राज्यसभा ने भी वॉइस वोट से पारित कर दिया।

यह बिल लोकसभा से 30 मार्च 2026 को पहले ही पास हो चुका था।

मुख्य उद्देश्य:

दिवालिया प्रक्रिया को तेज करना।

लंबित मामलों को कम करना।

वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना।

क्रेडिटर्स को अधिक अधिकार देकर रिजॉल्यूशन प्रक्रिया सुधारना।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि IBC ने भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

3. Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Bill 2026 — लोकसभा से पास

जन विश्वास विधेयक को लोकसभा ने पास कर दिया।

मुख्य प्रावधान:

लगभग 79 केंद्रीय कानूनों में बदलाव।

छोटे-मोटे अपराधों (minor offences) को अपराध की श्रेणी से बाहर करना (decriminalisation)।

कुल 717 से ज्यादा प्रावधानों को rationalise करना।

आसान व्यवसाय (ease of doing business) और आसान जीवन (ease of living) को बढ़ावा देना।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर 40 गुना जुर्माना जैसे सख्त प्रावधान भी शामिल।

यह बिल ट्रस्ट-बेस्ड गवर्नेंस (भरोसे पर आधारित शासन) की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे इंस्पेक्टर राज पर लगाम लगाने और अनावश्यक मुकदमेबाजी कम करने का लक्ष्य है।

संसद सत्र की पृष्ठभूमि

ये बिल बजट सत्र के अंतिम चरण में पास हुए हैं, जब सत्र 2 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। CAPF बिल पर विपक्ष का हंगामा रहा, जबकि बैंकरप्सी और जन विश्वास बिल पर अपेक्षाकृत कम विवाद देखा गया।

सरकार इन बिलों को सुधारवादी और प्रगतिशील बता रही है, जबकि विपक्ष कुछ मामलों में जवानों के हितों और जवाबदेही पर चिंता जता रहा है।

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