100 से ज्यादा शिकायतें, 10 FIR, 14 दिन के लिए जेल भेजा गया अशोक खरात — चौंकाने वाले खुलासे: फर्जी सांप, 1500 करोड़ संपत्ति और 100+ आपत्तिजनक वीडियो
100 से ज्यादा शिकायतें, 10 FIR, 14 दिन के लिए जेल भेजा गया अशोक खरात — चौंकाने वाले खुलासे: फर्जी सांप, 1500 करोड़ संपत्ति और 100+ आपत्तिजनक वीडियो
महाराष्ट्र के नासिक में स्वयंभू ‘गॉडमैन’ और ज्योतिषी अशोक खरात (जिन्हें ‘कैप्टन’ भी कहा जाता है) के खिलाफ यौन शोषण और ठगी का बड़ा कांड सामने आया है। 18 मार्च 2026 को गिरफ्तार किए गए खरात को 1 अप्रैल को नासिक कोर्ट ने 14 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब तक उनके खिलाफ 10 FIR दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें 8 यौन शोषण/बलात्कार और 2 धोखाधड़ी से जुड़ी हैं।
शिकायतों का अंबार
महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को फोन पर 100 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाओं की हैं।
SIT ने हेल्पलाइन जारी की थी, जिस पर पिछले कुछ दिनों में भारी संख्या में कॉल आए।
कई महिलाओं ने दो-तीन साल तक लगातार शोषण का आरोप लगाया है। एक पीड़िता ने कहा कि खरात ने उसे “पूजा” के नाम पर बार-बार बलात्कार किया।
चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस जांच में कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए:
फर्जी सांप और ट्रिक्स: खरात के ऑफिस से 20 फीट लंबा रिमोट कंट्रोल वाला प्लास्टिक का सांप बरामद हुआ। वह लोगों को अलौकिक शक्तियों का भ्रम देकर डराता था। बाघ की खाल, “आशीर्वाद” वाले बीज और खारा पानी देकर महिलाओं को बेहोश करने का आरोप भी लगा।
आपत्तिजनक वीडियो: उनके पास से 100 से ज्यादा (कुछ रिपोर्ट्स में 58-100) आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए, जिनमें महिलाओं के साथ शोषण के दृश्य बताए जा रहे हैं। हिडन कैमरा का भी इस्तेमाल किया जाता था।
संपत्ति: अनुमानित 1500 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति। 15 साल में भारी दौलत जुटाई। विदेशी यात्राएं (150 तक), हवाला रैकेट और प्रभावशाली लोगों से कनेक्शन की भी जांच हो रही है।
धोखाधड़ी का तरीका: लोगों की आर्थिक स्थिति देखकर छोटी-छोटी चीजें (₹100 की) लाखों में बेचता था। “तंत्र-मंत्र” के नाम पर डर दिखाकर 5 करोड़ तक वसूली का एक मामला भी सामने आया।
अन्य: रिवॉल्वर, कारतूस, कैश और लैपटॉप बरामद। कुछ रिपोर्ट्स में मानव बलि या अघोरी प्रैक्टिस का संदेह भी जताया गया (अभी पुष्टि नहीं)।
खरात खुद को ज्योतिषी, न्यूमरोलॉजिस्ट और “शिव का अवतार” बताता था। वह मिरगांव में मंदिर ट्रस्ट चलाता था और राजनीतिक हलकों में भी सक्रिय था। 2018 में महाराष्ट्र सरकार ने उसके मंदिर के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड भी दिया था।
पुलिस और कोर्ट की कार्रवाई
SIT जांच कर रही है, जिसमें डिजिटल सबूत, संपत्ति और प्रभावशाली लोगों के कनेक्शन शामिल हैं।
खरात को पहले पुलिस रिमांड पर रखा गया, अब 14 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कोई भी बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी पारदर्शिता से होगी।
यह मामला महाराष्ट्र में अंधविश्वास, यौन शोषण और ठगी के खिलाफ बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। कई महिलाएं अब आगे आ रही हैं, लेकिन कुछ अभी भी डर के कारण शिकायत दर्ज कराने में हिचकिचा रही हैं। पुलिस ने पीड़ितों की सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
नोट: जांच अभी जारी है और नए खुलासे हो सकते हैं। यह रिपोर्ट 1 अप्रैल 2026 तक की उपलब्ध समाचारों पर आधारित है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक आरोपी निर्दोष माना जाता है।
ऐसे मामलों में अंधविश्वास पर भरोसा न करें और किसी भी शोषण की शिकायत तुरंत पुलिस से करें।
