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नेपाल के पूर्व PM केपी ओली को बड़ा झटका! सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका, हिरासत में रहेंगे

नेपाल की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आया है। भ्रष्टाचार और विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को कानून का सख्त सामना करना पड़ रहा है।

नेपाल के पूर्व PM केपी ओली को बड़ा झटका! सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका, हिरासत में रहेंगे

काठमांडू, 30 मार्च 2026: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल (CPN-UML) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी रिहाई की मांग वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका पर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। अदालत के इस फैसले का मतलब है कि ओली को फिलहाल पुलिस हिरासत में ही रहना होगा।

क्या है पूरा मामला?

* गिरफ्तारी: केपी ओली को 28 मार्च 2026 की सुबह उनके भक्तपुर स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (Balen Shah) की सरकार के शपथ लेने के ठीक एक दिन बाद हुई।

* आरोप: उन पर सितंबर 2025 में हुए ‘जेन-जी’ (Gen Z) भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान “आपराधिक लापरवाही” का आरोप है। एक जांच आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, उस दौरान पुलिस की गोलीबारी में 76 लोगों की मौत हुई थी, जिसे रोकने में तत्कालीन ओली सरकार विफल रही थी।

* सह-आरोपी: ओली के साथ पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया है। उन पर भी समान धाराओं के तहत मामला चल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही

ओली की पत्नी राधिका शाक्य ने उनकी गिरफ्तारी को “अवैध” बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

* अदालत का रुख: जस्टिस मेघराज पोखरेल की एकल पीठ ने ओली को रिहा करने के लिए कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया।

* कारण बताओ नोटिस: हालांकि, अदालत ने सरकार को एक ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है, जिसमें पूछा गया है कि ओली को हिरासत में क्यों रखा जाना चाहिए।

* स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं: ओली फिलहाल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं (दिल और किडनी की बीमारी) के कारण अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने रविवार को वीडियो लिंक के जरिए जिला अदालत में पेशी दी थी, जिसने उनकी हिरासत 5 दिनों के लिए बढ़ा दी थी।

नेपाल में तनावपूर्ण स्थिति

ओली की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेपाल में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

* समर्थकों का प्रदर्शन: काठमांडू की सड़कों पर सैकड़ों समर्थकों ने पुलिस के साथ झड़प की और “ओली को रिहा करो” के नारे लगाए।

* पार्टी का स्टैंड: CPN-UML ने इस गिरफ्तारी को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है।

* सरकार का तर्क: गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने कहा कि यह किसी से बदला लेना नहीं, बल्कि उन युवाओं को न्याय दिलाने की शुरुआत है जिन्होंने प्रदर्शनों के दौरान अपनी जान गंवाई थी।

मुख्य बिंदु: अगर दोष सिद्ध होता है, तो केपी ओली को 10 साल तक की जेल हो सकती है। 2025 के हिंसक प्रदर्शनों ने नेपाल की राजनीति की दिशा बदल दी थी और अब कानून उसी जवाबदेही को तय करने की कोशिश कर रहा है।

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