राजनीति

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: कांग्रेस ने जारी की 284 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, 30 साल बाद विधानसभा चुनाव लड़ेंगे अधीर रंजन चौधरी

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: कांग्रेस ने जारी की 284 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, 30 साल बाद विधानसभा चुनाव लड़ेंगे अधीर रंजन चौधरी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी बिगुल बज चुका है। कांग्रेस पार्टी ने राज्य की कुल 294 सीटों में से 284 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस बंगाल में किसी भी गठबंधन के बिना अकेले चुनाव लड़ रही है। फिलहाल 10 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम रोके गए हैं, जिनका ऐलान जल्द होने की उम्मीद है।

दिग्गजों पर दांव: अधीर रंजन चौधरी की 30 साल बाद वापसी

इस बार कांग्रेस ने अपने अनुभवी और सीनियर नेताओं को चुनावी रण में उतारने का बड़ा फैसला लिया है:

* अधीर रंजन चौधरी: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी लगभग 30 साल बाद विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्हें उनके गढ़ बहरामपुर से टिकट दिया गया है।

* मौसम नूर: कद्दावर नेता मौसम नूर को मालतीपुर विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया है।

भवानीपुर में ‘हाई-प्रोफाइल’ मुकाबला: त्रिकोणीय होगी जंग

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पारंपरिक सीट भवानीपुर इस बार सबसे हॉट सीट बनने जा रही है। यहाँ मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है:

* ममता बनर्जी: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से मैदान में हैं।

* सुवेंदु अधिकारी: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ममता के खिलाफ अपने सबसे बड़े चेहरे को उतारा है।

* प्रदीप प्रसाद: कांग्रेस ने इस सीट से प्रदीप प्रसाद को टिकट देकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।

चुनाव का पूरा शेड्यूल: दो चरणों में होगा मतदान

पश्चिम बंगाल में सत्ता की लड़ाई दो चरणों में सिमटेगी। चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार महत्वपूर्ण तारीखें नीचे दी गई हैं:

| विवरण | पहला चरण (152 सीटें) | दूसरा चरण (148 सीटें) |

| नोटिफिकेशन जारी | 30 मार्च 2026 | 2 अप्रैल 2026

| नामांकन की आखिरी तारीख | 6 अप्रैल 2026 | 9 अप्रैल 2026 |

| मतदान की तारीख (Voting) | 23 अप्रैल 2026 | 29 अप्रैल 2026 |

नतीजे: सभी सीटों के चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।

रणनीतिक विश्लेषण

कांग्रेस का अकेले चुनाव लड़ना और सीनियर नेताओं को मैदान में उतारना यह दर्शाता है कि पार्टी बंगाल में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए ‘आर-पार’ के मूड में है। विशेषकर मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में कांग्रेस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

 

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