मिडिल ईस्ट महायुद्ध: आज की 10 बड़ी खबरें
मध्य-पूर्व (Middle East) में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है। आज शनिवार, 28 मार्च 2026 की सुबह तक की स्थितियों ने दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध की आहट का अहसास करा दिया है। ईरान, इजरायल, अमेरिका और लेबनान के बीच जारी इस संघर्ष की 10 सबसे बड़ी खबरें और उनका विस्तृत विश्लेषण यहाँ दिया गया है:
1. तेहरान पर इजरायल का बड़ा हमला: नौसैनिक ठिकानों को बनाया निशाना
इजरायली वायुसेना ने शनिवार तड़के ईरान की राजधानी तेहरान और उसके आसपास के सैन्य परिसरों पर भीषण हवाई हमले किए। इजरायली सेना (IDF) ने पुष्टि की है कि 50 से अधिक फाइटर जेट्स ने ईरान के उन कारखानों को निशाना बनाया है जहाँ नौसैनिक हथियार और मिसाइलें तैयार की जाती थीं। तेहरान के आसमान में काले धुएं के गुबार देखे गए और कम से कम 10 बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई।
2. अमेरिका की ‘ताबूत’ वाली चेतावनी और सैन्य फुटेज जारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आज ईरानी नौसैनिक जहाजों पर किए गए हवाई हमलों के वीडियो जारी किए हैं। अमेरिकी प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि दशकों से वैश्विक शिपिंग को परेशान करने वाले ईरानी जहाजों के दिन अब खत्म हो गए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संकेत दिया है कि अगर ईरान पीछे नहीं हटा, तो उसे “अब तक के सबसे बड़े सैन्य प्रहार” का सामना करना पड़ेगा।
3. यमन के हूतियों ने सीधे तौर पर युद्ध में मारी एंट्री
ईरान समर्थित हूतियों ने आधिकारिक घोषणा की है कि वे अब इस महायुद्ध में सीधे शामिल हो गए हैं। हूतियों ने आज इजरायल के संवेदनशील सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक “इजरायली आक्रामकता” बंद नहीं होती, वे लाल सागर (Red Sea) और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाना जारी रखेंगे।
4. लेबनान में मौत का तांडव: 24 घंटे में 47 की मौत
इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी युद्ध (जो 2 मार्च से शुरू हुआ था) ने लेबनान में तबाही मचा दी है। पिछले 24 घंटों में इजरायली हमलों में 47 लोग मारे गए और 112 घायल हुए हैं। अब तक लेबनान में मरने वालों का कुल आंकड़ा 1,189 तक पहुँच गया है, जबकि 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित होकर स्कूलों और अस्थायी शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
5. ईरान की जवाबी कार्रवाई: इजरायल के ईलात और बेत शेमेश में धमाके
ईरान ने भी इजरायल पर पलटवार करते हुए कई मिसाइलें दागीं। इजरायल के बेत शेमेश में मिसाइल गिरने से एक सिनगॉग (यहूदी इबादतगाह) और कई घरों को नुकसान पहुँचा है। वहीं, ईलात शहर में ईरानी ड्रोन गिरने से कई नागरिक घायल हुए हैं। इजरायली डिफेंस सिस्टम (आयरन डोम) ने अधिकांश खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन गिरते मलबे से जान-माल का नुकसान हुआ है।
6. कतर और कुवैत पर भी आंच: पहली बार ड्रोन इंटरसेप्ट
युद्ध की आंच अब खाड़ी के अन्य देशों तक पहुँच रही है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने पहली बार ईरानी क्षेत्र से आने वाले ड्रोनों को मार गिराने की सूचना दी है। वहीं, कुवैत एयरपोर्ट के रडार सिस्टम पर ड्रोन हमले से भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे वहां हवाई यातायात प्रभावित हुआ है।
7. इराक में कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति के घर पर हमला
इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवन बरज़ानी के आवास को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया। हालांकि राष्ट्रपति सुरक्षित हैं, लेकिन इस हमले ने बगदाद सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इराक के प्रधानमंत्री अल-सुदानी ने इसे क्षेत्रीय तनाव का खतरनाक विस्तार बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
8. अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती: ‘बूट्स ऑन द ग्राउंड’ की संभावना
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने 2003 के इराक युद्ध के बाद की सबसे बड़ी सैन्य लामबंदी शुरू कर दी है। एशिया से 31वीं और 11वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट्स मध्य-पूर्व पहुँच रही हैं। इसके साथ ही 82nd एयरबोर्न के 2000 पैराट्रूपर्स को स्टैंडबाय पर रखा गया है। पेंटागन ने इस युद्ध के खर्च के लिए अतिरिक्त 200 बिलियन डॉलर की मांग की है।
9. वैश्विक व्यापार संकट: होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लगभग बंद कर देने के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने के कगार पर है। इसका असर भारत सहित पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। सऊदी अरब अब अपने तेल निर्यात के लिए वैकल्पिक रास्तों (बाब अल-मंडेब) का उपयोग कर रहा है, जहाँ हूतियों का खतरा बना हुआ है।
10. गाजा में धुंधली पड़ती शांति की उम्मीदें
एक तरफ जहाँ दुनिया का ध्यान ईरान-इजरायल युद्ध पर है, वहीं गाजा में जारी संघर्ष विराम (Ceasefire) बेहद कमजोर पड़ गया है। हालांकि मार्च में बड़े स्तर पर शांति बनी रही, लेकिन ताजा क्षेत्रीय तनाव ने हमास के निशस्त्रीकरण (Disarmament) की प्रक्रिया को अधर में लटका दिया है। अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने स्पष्ट किया है कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं डालता, गाजा का पुनर्निर्माण संभव नहीं है।
निष्कर्ष: मिडिल ईस्ट में यह ‘चेन रिएक्शन’ वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन युद्ध के मैदान में शांति के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।
