नेपाल में कोहराम: पूर्व PM केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा, सड़कों पर उतरी भारी भीड़
नेपाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के विरोध में ओली के समर्थक सड़कों पर उतर आए, जिससे काठमांडू और आसपास के इलाकों में भारी बवाल मच गया। प्रदर्शनकारियों ने आगजनी और पथराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
गिरफ्तारी का कारण:
सितंबर 2025 में हुए Gen Z (युवा-आंदोलन) के दौरान हिंसा और पुलिस फायरिंग में 76 लोगों की मौत हुई थी।
एक उच्च स्तरीय जांच आयोग ने ओली पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा चलाने की सिफारिश की थी।
आयोग का कहना था कि ओली ने प्रदर्शनकारियों पर घंटों तक फायरिंग रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया, जिससे कम से कम 19 युवाओं की मौत पहले दिन ही हो गई।
पुलिस ने ओली को भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके आवास से और लेखक को सूर्यविनायक से गिरफ्तार किया। दोनों को काठमांडू पुलिस कार्यालय में रखा गया है और रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
बवाल और हिंसा:
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही ओली समर्थकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने Gen Z आंदोलन जांच आयोग की रिपोर्ट की कॉपी जलाई।
कई जगहों पर आगजनी, पथराव और नारेबाजी हुई।
पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए भारी बल तैनात किया। ओली को गिरफ्तारी के बाद मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल भी ले जाया गया।
पृष्ठभूमि:
सितंबर 2025 में भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ Gen Z आंदोलन तेजी से हिंसक हो गया। दो दिनों में 76 मौतें और हजारों घायल हुए। आंदोलन के दबाव में ओली को इस्तीफा देना पड़ा। कल ही रैपर-से-राजनेता बालेन शाह (Balendra Shah) ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। ओली की गिरफ्तारी उनके शपथ ग्रहण के एक दिन बाद हुई है।
ओली और उनके समर्थक इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बदला बता रहे हैं, जबकि नई सरकार इसे कानूनी प्रक्रिया करार दे रही है।
CPN-UML पार्टी ने गिरफ्तारी के खिलाफ रविवार से प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है। नेपाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
यह घटना नेपाल की राजनीति को फिर अस्थिर कर सकती है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
