उत्तराखंड

उत्तराखंड में ईधन संकट पर विराम: LPG और पेट्रोल की सप्लाई सामान्य, अफवाहों और कालाबाजारी पर सरकार सख्त

उत्तराखंड में ईधन संकट पर विराम: LPG और पेट्रोल की सप्लाई सामान्य, अफवाहों और कालाबाजारी पर सरकार सख्त

देहरादून: मिडिल ईस्ट (मध्य-पूर्व) में बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच उत्तराखंड में पेट्रोलियम पदार्थों और एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को लेकर उपजी चिंताओं पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आयुक्त आनंद स्वरूप ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि प्रदेश में ईधन की स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और जनता को घबराने या ‘पैनिक बुकिंग’ करने की आवश्यकता नहीं है।

LPG आपूर्ति: बैकलॉग में कमी और कमर्शियल राहत

आयुक्त ने स्वीकार किया कि शुरुआती दौर में कुछ चुनौतियां आई थीं, लेकिन अब केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से आपूर्ति सुचारू है:

* कमर्शियल गैस: होटलों और रेस्टोरेंटों के लिए आपूर्ति पर लगी पाबंदियां हटा ली गई हैं। अब प्रतिदिन 5300 व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। पर्यटन राज्य होने के नाते इस क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।

* घरेलू गैस: पैनिक बुकिंग के कारण बैकलॉग 3 लाख तक पहुंच गया था, जो अब घटकर 2.68 लाख रह गया है।

* बुकिंग अंतराल: सप्लाई पर दबाव कम करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन का अंतराल निर्धारित किया गया है।

पेट्रोल-डीजल: उत्तराखंड में कोई कमी नहीं

अन्य राज्यों में किल्लत की खबरों के बीच आयुक्त ने साफ किया कि उत्तराखंड में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।

* तीन प्रमुख कंपनियां: IOCL, भारत गैस और हिंदुस्तान गैस लगातार सप्लाई बनाए हुए हैं।

* औद्योगिक इकाइयां: इंडस्ट्रियल एजेंसियों को 20% अतिरिक्त आपूर्ति दी जा रही है ताकि उत्पादन प्रभावित न हो।

कालाबाजारी करने वालों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

सरकार ने ईधन की जमाखोरी और अवैध रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। 9 मार्च से 27 मार्च 2026 के बीच की गई कार्रवाई के आंकड़े इस प्रकार हैं:

* निरीक्षण और छापेमारी: 4478 निरीक्षण और 87 छापेमारी की गई।

* गिरफ्तारी और FIR: 15 एफआईआर दर्ज हुईं और 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

* जब्ती: 672 घरेलू और 139 कमर्शियल सिलेंडर (कुल 811) जब्त किए गए। साथ ही 85,100 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।

PNG अपनाने पर जोर

आयुक्त आनंद स्वरूप ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के इस्तेमाल की अपील की है।

“पेट्रोलियम उत्पादों के लिए हम आयात पर निर्भर हैं, जबकि पीएनजी स्वदेशी विकल्प है। देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।”

जनता के लिए मुख्य संदेश:

* पैनिक बुकिंग न करें: सिलेंडर भरा होने के बावजूद नई बुकिंग करने से व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है।

* अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर चल रही ईधन की कमी की खबरों पर ध्यान न दें।

* संयम बरतें: जरूरत के अनुसार ही ईधन का उपयोग करें।

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