उत्तराखंड

उत्तराखंड में बड़ा सियासी उलटफेर: चुनाव से पहले कांग्रेस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, BJP और निर्दलीय के 6 दिग्गज हाथ के साथ

उत्तराखंड में बड़ा सियासी उलटफेर: चुनाव से पहले कांग्रेस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, BJP और निर्दलीय के 6 दिग्गज हाथ के साथ

उत्तराखंड की राजनीति में शनिवार 28 मार्च का दिन ‘महा-ज्वाइनिंग’ का शनिवार साबित हुआ। 2027 के विधानसभा चुनावों से करीब 9 महीने पहले, कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और निर्दलीय खेमे में बड़ी सेंधमारी करते हुए 6 कद्दावर नेताओं को अपने पाले में कर लिया है। यह पूरी पटकथा दिल्ली में लिखी गई, जिससे प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

गढ़वाल और कुमाऊं में कांग्रेस की ‘फील्डिंग’ सेट

कांग्रेस ने रणनीतिक रूप से गढ़वाल मंडल से तीन और कुमाऊं मंडल से तीन बड़े चेहरों को शामिल किया है। ये सभी नेता अपनी-अपनी विधानसभा सीटों पर मजबूत पकड़ रखते हैं:

| क्षेत्र (मंडल) | नेता का नाम | प्रोफाइल / पूर्व पद | विधानसभा क्षेत्र |

| गढ़वाल | भीमलाल आर्या | पूर्व विधायक (BJP) | घनसाली (उत्तरकाशी) |

| गढ़वाल | अनुज गुप्ता | पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष | मसूरी |

| गढ़वाल | गौरव गोयल | पूर्व मेयर | रुड़की |

| कुमाऊं | राजकुमार ठुकराल | पूर्व विधायक (BJP) | रुद्रपुर |

| कुमाऊं | नारायण पाल | पूर्व विधायक (BSP) | सितारगंज |

| कुमाऊं | लाखन सिंह नेगी | पूर्व ब्लॉक प्रमुख (BJP) | भीमताल |

रुड़की और भीमताल में रोचक हुई जंग

दिलचस्प बात यह है कि यह ज्वाइनिंग उन सीटों पर हुई है जहाँ हाल ही में सत्ता परिवर्तन के समीकरण बदले थे। अभी हफ्ते भर पहले ही रुड़की से विधायक प्रदीप बत्रा और भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। ऐसे में कांग्रेस ने उन्हीं के प्रतिद्वंद्वी नेताओं को पार्टी में शामिल कर बीजेपी की मुश्किल बढ़ा दी है।

दिल्ली में ज्वाइनिंग: कांग्रेस का नया ‘ट्रेंड’

उत्तराखंड कांग्रेस ने पिछले कुछ समय से महत्वपूर्ण घोषणाओं के लिए देहरादून के बजाय दिल्ली को चुनना शुरू कर दिया है। अंकिता भंडारी मामले की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, आज की यह बड़ी ज्वाइनिंग भी दिल्ली में संपन्न हुई।

* इस दौरान कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

BJP के लिए कितनी बड़ी चुनौती?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन 6 नेताओं के साथ उनका बड़ा वोट बैंक भी कांग्रेस की ओर शिफ्ट होगा।

विशेषज्ञों की राय: “यह ज्वाइनिंग उस वक्त हुई है जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली दौरे पर हैं। कांग्रेस ने मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की कोशिश की है। हालांकि, बीजेपी अपनी ‘रिवर्स इंजीनियरिंग’ के लिए जानी जाती है, ऐसे में आने वाले दिनों में और बड़े उलटफेर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।”

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