ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर भीषण हमला: नतांज यूरेनियम प्रोसेसिंग यूनिट को निशाना बनाया, IRGC ने अमेरिकी-इजरायली कंपनियों को दी चेतावनी
ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर भीषण हमला: नतांज यूरेनियम प्रोसेसिंग यूनिट को निशाना बनाया, IRGC ने अमेरिकी-इजरायली कंपनियों को दी चेतावनी
ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के चौथे सप्ताह में ईरान के प्रमुख न्यूक्लियर साइट नतांज (Natanz) पर एक बार फिर हवाई हमला हुआ। ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट की अंडरग्राउंड सुविधा और प्रवेश द्वारों को निशाना बनाया। गनीमत रही कि किसी बड़े रेडियोएक्टिव लीक की रिपोर्ट नहीं आई।
यह हमला मार्च 2026 की शुरुआत में हुए हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है। IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) ने पुष्टि की कि नतांज साइट पर हमला हुआ, लेकिन ऑफ-साइट रेडिएशन लेवल में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
हमले का विवरण
नतांज ईरान की मुख्य यूरेनियम संवर्धन सुविधा है, जहां हजारों सेंट्रीफ्यूज लगे हैं।
ईरान ने दावा किया कि हमले में पर्सनल एंट्रेंस और व्हीकल एक्सेस पॉइंट्स को नुकसान पहुंचा, लेकिन मुख्य अंडरग्राउंड हॉल्स में बड़े पैमाने पर क्षति की पुष्टि नहीं हुई।
इससे पहले जून 2025 और मार्च 2026 की शुरुआत में भी नतांज पर हमले हो चुके हैं।
बुशहर (Bushehr) न्यूक्लियर पावर प्लांट पर भी हाल में प्रोजेक्टाइल हमले की रिपोर्ट आई, लेकिन IAEA ने कहा कि प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ और कोई हताहत नहीं है। रूस ने अपने तकनीशियनों को आंशिक रूप से निकाला है।
IRGC की सख्त चेतावनी
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हमले के बाद तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिकी और इजरायली औद्योगिक कंपनियों में काम करने वाले लोग तत्काल अपने वर्कप्लेस छोड़ दें।
IRGC के पब्लिक रिलेशंस ऑफिस ने बयान जारी कर कहा:
अमेरिका-इजरायल ने ईरान के औद्योगिक केंद्रों पर हमले किए हैं।
ईरानी योद्धा जवाबी हमले कर रहे हैं।
क्षेत्र में अमेरिकी शेयर वाली या इजरायल से जुड़ी भारी उद्योगों/कंपनियों (जैसे ExxonMobil, Boeing, Lockheed Martin आदि) के कर्मचारियों को तुरंत जगह छोड़ने की सलाह दी गई है, ताकि उनकी जान को खतरा न हो।
IRGC ने क्षेत्र के लोगों से भी अपील की कि अमेरिकी ठिकानों के आसपास न रहें, क्योंकि जवाबी कार्रवाई में वे निशाने पर आ सकते हैं।
पृष्ठभूमि और जोखिम
यह हमला वेस्ट एशिया संकट को और गंभीर बनाता है। IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने चेतावनी दी है कि न्यूक्लियर साइट्स पर हमले से बड़ा रेडियोलॉजिकल एक्सीडेंट हो सकता है, जिसका क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव पड़ेगा। रूस ने इन हमलों की निंदा की है।
ईरान ने पहले ही होर्मुज स्ट्रेट पर सख्ती बढ़ा रखी है और जवाबी हमलों की तैयारी की बात कही है। ट्रंप प्रशासन ने ऊर्जा प्लांट्स पर हमले की डेडलाइन बढ़ाई है, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ है।
नोट: स्थिति अत्यंत संवेदनशील और तेजी से बदल रही है। IAEA और अंतरराष्ट्रीय मीडिया (Al Jazeera, Reuters, NYT आदि) पर नजर रखें। न्यूक्लियर साइट्स पर कोई भी कार्रवाई वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है। भारत समेत कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है।
