राज्यों के CM के साथ PM मोदी की वर्चुअल मीटिंग जारी: वेस्ट एशिया संकट पर चर्चा, ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन पर फोकस
राज्यों के CM के साथ PM मोदी की वर्चुअल मीटिंग जारी: वेस्ट एशिया संकट पर चर्चा, ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन पर फोकस
नई दिल्ली, 27 मार्च 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6:30 बजे से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वर्चुअल मीटिंग कर रहे हैं। इस बैठक में वेस्ट एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के प्रभावों की समीक्षा हो रही है। चुनाव वाले राज्यों (जहां आचार संहिता लागू है) के CM इस मीटिंग में शामिल नहीं हैं।
मीटिंग का मुख्य उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना से केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बिठाना है, ताकि संकट से निपटने की तैयारियां मजबूत की जा सकें।
मीटिंग के प्रमुख मुद्दे
ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन सप्लाई: होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव के कारण तेल, LPG और गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश के पास 60-74 दिनों का स्टॉक है और घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाया गया है।
पैनिक बाइंग और अफवाहों पर रोक: LPG, पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों से बचाव, जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई।
कमर्शियल vs घरेलू सप्लाई: कमर्शियल LPG में 20% अतिरिक्त आवंटन, घरेलू उपयोग को प्राथमिकता।
अन्य तैयारियां: फर्टिलाइजर, पावर, सप्लाई चेन की सुरक्षा, विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और लॉकडाउन जैसी अफवाहों को खारिज करना।
राज्यों की भूमिका: प्रत्येक राज्य अपनी स्तर पर तैयारियों की रिपोर्ट देगा और केंद्र के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने की बात होगी।
कौन शामिल?
मीटिंग में उत्तर प्रदेश CM योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश CM चंद्रबाबू नायडू, छत्तीसगढ़ CM विश्नु देव साय, तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी, मध्य प्रदेश CM मोहन यादव, गुजरात CM भूपेंद्र पटेल समेत कई CM शामिल हैं। चुनावी राज्यों (जैसे तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल आदि) के CM नहीं हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी इस संकट पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें की हैं और कहा है कि सरकार स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है। उन्होंने ‘टीम इंडिया’ अप्रोच पर जोर दिया है।
पृष्ठभूमि
वेस्ट एशिया में फरवरी 2026 से चल रहे तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित है। भारत LPG का 60% आयात करता है, इसलिए सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने, वैकल्पिक स्रोतों पर फोकस और राज्यों के साथ समन्वय पर जोर दिया है।
नोट: मीटिंग अभी जारी है। बैठक के बाद आधिकारिक बयान या फैसलों की घोषणा होने की संभावना है। लोग अफवाहों से बचें और केवल जरूरत अनुसार ईंधन खरीदें।
