देश में नहीं लगेगा लॉकडाउन: मोदी सरकार ने अफवाहों को किया खारिज; पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती
देश में ईरान-इजरायल युद्ध के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट और LPG की कमी की अफवाहों पर केंद्र सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है।
सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी कटौती का भी ऐलान किया है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें:
देश में नहीं लगेगा लॉकडाउन: मोदी सरकार ने अफवाहों को किया खारिज; पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि ईंधन की कमी के कारण देश में कोविड जैसा लॉकडाउन लग सकता है। सरकार ने इन खबरों को पूरी तरह ‘बेबुनियाद’ और ‘भ्रामक’ करार दिया है।
वित्त मंत्री का आश्वासन: ‘चिंता की कोई बात नहीं’
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कड़े शब्दों में कहा कि लॉकडाउन जैसी किसी भी कार्रवाई पर विचार नहीं किया जा रहा है।
* भ्रम पर प्रहार: उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं द्वारा फैलाई जा रही अफवाहें चिंताजनक हैं।
* स्पष्ट संदेश: “मैं जनता को आश्वस्त करना चाहती हूं कि कोविड जैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। आर्थिक गतिविधियां और आवाजाही सामान्य बनी रहेगी।”
हरदीप सिंह पुरी की चेतावनी: ‘अफवाहें फैलाना हानिकारक’
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर स्पष्ट किया:
* कोई प्रस्ताव नहीं: भारत सरकार के पास लॉकडाउन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
* एकजुटता की अपील: ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया के तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट है, हमें शांत और जिम्मेदार रहना चाहिए। दहशत पैदा करना देश के हित में नहीं है।
महंगाई से राहत: एक्साइज ड्यूटी में ऐतिहासिक कटौती
सरकार ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को बचाने के लिए टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत दी है:
* पेट्रोल: पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर अब मात्र ₹3 प्रति लीटर रह गई है।
* डीजल: डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह शून्य (0) कर दिया गया है।
* निर्यात पर सख्ती: घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए डीजल के निर्यात पर ₹21.5 प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) लगा दिया गया है।
क्यों पैदा हुआ ऊर्जा संकट?
यह पूरा संकट ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण गहराया है। ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी करने से दुनिया की 20% तेल-गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का 12 से 15 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से मंगाता था, जिसके कारण सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है।
निष्कर्ष: सरकार का संदेश साफ है—ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक और आर्थिक प्रयास जारी हैं, लेकिन देश को बंद करने या लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है।
