रणभूमि: ईरान की मुख्य भूमि पर सैनिक उतारने की योजना कर रहा अमेरिका, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं
रणभूमि: ईरान की मुख्य भूमि पर सैनिक उतारने की योजना पर अमेरिका विचार कर रहा है, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं
(खार्ग द्वीप और होर्मुज के आसपास सीमित जमीनी कार्रवाई की संभावना ज्यादा)
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पेंटागन ईरान की धरती पर जमीनी सैनिक (boots on the ground) उतारने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वे बड़े पैमाने पर जमीनी आक्रमण नहीं चाहते और फिलहाल कोई ऐसा फैसला नहीं लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फोकस मुख्य रूप से रणनीतिक द्वीपों और तेल टर्मिनल जैसे खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर सीमित ऑपरेशन पर है, न कि पूरे ईरान पर पूर्ण पैमाने का आक्रमण।
अमेरिका की सैन्य तैयारी
पेंटागन 10,000 अतिरिक्त सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने पर विचार कर रहा है। इसमें 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 1,000-3,000 पैराट्रूपर्स और 2,500 से ज्यादा मरीन्स (अम्फीबियस यूनिट) शामिल हैं, जो पहले ही क्षेत्र की ओर रवाना हो चुके हैं।
विकल्पों में शामिल:
खार्ग द्वीप (ईरान के 90% कच्चे तेल निर्यात का केंद्र) पर कब्जा या ब्लॉकेड।
होर्मुज स्ट्रेट के आसपास के कुछ द्वीपों (जैसे अबू मूसा, लारक) पर कार्रवाई।
मिसाइल साइट्स, माइन स्टॉकपाइल और फास्ट अटैक क्राफ्ट के खिलाफ हेलीकॉप्टर-बोर्न रेड्स।
ट्रंप ने कहा है कि वे “जरूरत पड़ने पर” जमीनी सैनिक भेजने से नहीं हिचकिचाएंगे, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया — “मैं कहीं सैनिक नहीं भेज रहा हूं” (हालांकि उन्होंने जोड़ा कि अगर जरूरी हुआ तो रणनीति मीडिया को नहीं बताएंगे)।
ईरान की चेतावनी
ईरान ने साफ कहा है कि अगर अमेरिकी सैनिक उनकी मुख्य भूमि या तट पर उतरे तो यह उनकी “रेड लाइन” होगी।
ईरानी सेना और IRGC ने चेतावनी दी है कि किसी भी जमीनी आक्रमण पर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और खाड़ी देशों के ऊर्जा एवं पानी के प्लांट्स पर हमले किए जाएंगे।
ईरान ने खार्ग द्वीप को मजबूत किया है और माइन्स तथा MANPADS तैनात किए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी विदेशी सैनिक उतारना “बड़ी गलती” साबित होगा।
ट्रंप का रुख और बातचीत
ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने की डेडलाइन को फिर बढ़ा दिया है और दावा किया है कि ईरान “डील” के लिए उतावला है। उन्होंने ईरान को 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है (पाकिस्तान के माध्यम से)। साथ ही, पावर प्लांट्स पर हमले की धमकी को टाल दिया है।
व्हाइट हाउस अधिकारी कह रहे हैं कि ट्रंप सभी विकल्प खुले रखे हुए हैं, लेकिन बड़े जमीनी युद्ध की बजाय हवाई हमले और नौसेना कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है। अमेरिकी जनमत भी जमीनी सैनिक भेजने के खिलाफ है।
जोखिम और पृष्ठभूमि
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान की मुख्य भूमि पर पूर्ण जमीनी आक्रमण अत्यधिक जोखिम भरा होगा — हजारों IRGC और बसिज फोर्सेस का सामना, भारी हताहत और क्षेत्रीय युद्ध का विस्तार हो सकता है। 1988 के अनुभव से भी अमेरिका सतर्क है।
वर्तमान में तनाव होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और तेल आपूर्ति बहाल करने पर केंद्रित है। भारत समेत कई देश इस मार्ग की सुरक्षा चाहते हैं।
नोट: स्थिति बहुत तेजी से बदल रही है। ट्रंप की “वाइंड डाउन” वाली टिप्पणियों और सैन्य बिल्डअप के बीच विरोधाभास साफ दिख रहा है। नवीनतम अपडेट के लिए विश्वसनीय स्रोतों (Al Jazeera, NYT, Times of India, AP आदि) पर नजर रखें।
(यह रिपोर्ट विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और भारतीय मीडिया स्रोतों पर आधारित है।)
