होर्मुज स्ट्रेट अभी पूरी तरह नहीं खुला: ईरान का सख्त रुख, अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बंद
होर्मुज स्ट्रेट अभी पूरी तरह नहीं खुला: ईरान का सख्त रुख, अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बंद
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) — दुनिया के तेल व्यापार का करीब 20% गुजरने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग — अभी भी पूरी तरह नहीं खुला है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने राज्य मीडिया के माध्यम से घोषणा की है कि स्ट्रेट बंद है और अमेरिका तथा इजरायल के सहयोगियों या दुश्मनों से जुड़े जहाजों के लिए किसी भी आवाजाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि “अमेरिका और उसके दोस्तों” के लिए यह मार्ग बंद रहेगा, जबकि गैर-दुश्मन (non-hostile) जहाजों या सहयोगी देशों के लिए सीमित आवाजाही की अनुमति दी जा सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान ने कुछ तेल टैंकरों (करीब 8-10) को गुजरने दिया है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “ईरान की तरफ से बड़ा तोहफा” बताया है। लेकिन कुल मिलाकर नाकाबंदी बरकरार है।
ट्रंप का दावा और अल्टीमेटम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत “बहुत अच्छी” चल रही है और उन्होंने ईरान की अनुरोध पर स्ट्रेट खोलने की डेडलाइन को 10 दिन बढ़ाकर 6 अप्रैल 2026 तक कर दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर स्ट्रेट नहीं खुला तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें तबाह कर देगा। अब उन्होंने हमलों को टाल दिया है, लेकिन कहा है कि बातचीत जारी है।
ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों (जैसे यूरोपीय राष्ट्र, जापान, दक्षिण कोरिया आदि) से भी स्ट्रेट को सुरक्षित बनाने के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की थी, लेकिन कई सहयोगियों ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया या ठंडा रुख अपनाया।
ईरान का जवाब
ईरानी विदेश मंत्री और सैन्य कमांड ने ट्रंप के दावों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ कोई औपचारिक बातचीत नहीं हो रही और स्ट्रेट केवल “दुश्मनों” के लिए बंद है। ईरान की मांगें शामिल हैं — युद्ध की क्षतिपूर्ति, अमेरिकी ठिकानों की वापसी और स्ट्रेट पर ईरानी संप्रभुता की मान्यता। अगर अमेरिका ने पावर प्लांट्स पर हमला किया तो स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक क्षति की मरम्मत न हो जाए।
वर्तमान में स्ट्रेट पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे के कारण वैश्विक तेल कीमतें प्रभावित हुई हैं और शिपिंग प्रभावित है।
पृष्ठभूमि
यह तनाव अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही संघर्ष से जुड़ा है, जिसमें फरवरी 2026 से हमले हो रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना न सिर्फ तेल आपूर्ति बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। भारत समेत कई देशों ने इस मार्ग को जल्द खुला और सुरक्षित रखने की अपील की है।
नोट: स्थिति तेजी से बदल रही है। नवीनतम अपडेट के लिए विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर नजर रखें। तेल कीमतों और वैश्विक व्यापार पर इसका असर पड़ सकता है।
