ईरान की अमेरिका को दो टूक: ‘ट्रंप की नहीं, हमारी चलेगी’, युद्ध रोकने के लिए रखीं 5 बड़ी शर्तें
तेहरान/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध (Operation Epic Fury) के 26वें दिन ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिका के सामने 5 प्रमुख शर्तें रख दी हैं। ईरानी अधिकारियों ने साफ कहा है कि ट्रंप की शर्तों पर नहीं, बल्कि हमारी शर्तों पर ही युद्धविराम या कोई समझौता संभव है।
ईरान ने मध्यस्थों (पाकिस्तान समेत) के जरिए अमेरिका को ये मांगें भेजी हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन ने 15 सूत्री शांति योजना पेश की है। ईरान ने ट्रंप के दावों को “बातचीत की अफवाह” करार देते हुए किसी प्रत्यक्ष वार्ता से इनकार किया है।
ईरान की 5 मुख्य मांगें:
तत्काल और स्थायी युद्धविराम — अमेरिका और इजरायल दोनों तरफ से सभी हमले तुरंत बंद हों।
भविष्य में हमले की गारंटी — अमेरिका कभी भी ईरान पर सैन्य हमला न करे, लिखित सुरक्षा गारंटी दी जाए।
युद्ध क्षति का पूरा मुआवजा — युद्ध में हुई जान-माल की क्षति और आर्थिक नुकसान की भरपाई अमेरिका करे।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण — दुनिया के तेल निर्यात का प्रमुख रास्ता ईरान के आर्थिक और सामरिक नियंत्रण में रहे (संयुक्त नियंत्रण नहीं)।
अमेरिकी सैन्य अड्डे बंद हों — खाड़ी देशों में अमेरिका के सभी बेस बंद किए जाएं और क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य उपस्थिति समाप्त हो।
ईरान ने इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर कोई सीमा नहीं लगाने और लेबनान में इजरायल-हिजबुल्लाह युद्धविराम की भी मांग की है।
ट्रंप का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि दोनों पक्षों में “बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत” हो रही है और “मेजर पॉइंट्स ऑफ एग्रीमेंट” हैं। उन्होंने ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले 5 दिनों के लिए टाल दिए हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान को “नो न्यूक्लियर वीपन” और हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की शर्त माननी होगी। अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्री योजना भी भेजी है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म करने की मांग प्रमुख है।
ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका “खुद से बातचीत कर रहा है” और बाजार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
मौजूदा स्थिति
हॉर्मुज स्ट्रेट अभी भी ईरान के प्रभाव में है, जिससे वैश्विक तेल कीमतें प्रभावित हो रही हैं।
इजरायल लगातार ईरान पर हमले जारी रखे हुए है।
दोनों तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला चल रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि ईरान की सख्त शर्तें समझौते की राह मुश्किल बना रही हैं, जबकि ट्रंप “अनकंडीशनल सरेंडर” जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। फिलहाल 5 दिन का विराम है, लेकिन कोई ठोस प्रगति की पुष्टि नहीं हुई है।
