उत्तराखंड

धामी कैबिनेट का बड़ा धमाका: 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर; पूर्व अग्निवीरों के लिए ‘वीर उद्यमी योजना’ और किसानों को ₹2585 MSP की सौगात

देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक राज्य के विकास और सुशासन की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण रही। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह पहली ‘फुल कैबिनेट’ बैठक थी, जिसमें सरकार ने समाज के हर वर्ग—चाहे वह युवा हो, किसान हो या सरकारी कर्मचारी—के लिए बड़े फैसले लिए हैं।

धामी कैबिनेट का बड़ा धमाका: 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर; पूर्व अग्निवीरों के लिए ‘वीर उद्यमी योजना’ और किसानों को ₹2585 MSP की सौगात

देहरादून: उत्तराखंड सचिवालय में बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में 16 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में युवाओं, पूर्व सैनिकों, न्यायिक अधिकारियों और किसानों के लिए कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए।

1. युवाओं और पूर्व सैनिकों के लिए ‘वीर उद्यमी योजना 2026’

सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। उद्योग विभाग के अंतर्गत ‘उत्तराखण्ड वीर उद्यमी योजना 2026’ को मंजूरी दी गई है:

* आरक्षण: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के कुल लक्ष्य का 10% हिस्सा पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

* विशेष लाभ: यदि पति-पत्नी दोनों पूर्व सैनिक या अग्निवीर हैं, तो दोनों को लाभ मिलेगा। साथ ही 5% अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जाएगी।

* सब्सिडी संरचना: पर्वतीय क्षेत्रों में ₹2 लाख तक 30% और मैदानी क्षेत्रों में 25% तक की भारी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

2. किसानों के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए कैबिनेट ने रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है:

* नया मूल्य: किसानों को ₹2585 प्रति कुंतल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा।

* लक्ष्य: राज्य सरकार ने इस सीजन में 2.2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। मंडी शुल्क को भी 2% पर स्थिर रखा गया है।

3. न्यायिक अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों को राहत

* सॉफ्ट लोन: उत्तराखंड के न्यायिक अधिकारियों को अब वाहन खरीदने के लिए ₹10 लाख तक का सॉफ्ट लोन मिलेगा। इलेक्ट्रिक वाहन (EV) के लिए ब्याज दर मात्र 4% और अन्य वाहनों के लिए 5% होगी।

* वन विभाग: मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद के लिए अनिवार्य सेवा अवधि को 25 साल से घटाकर 22 साल कर दिया गया है।

4. सुरक्षा और कानून व्यवस्था (वसूली एक्ट)

* सम्पत्ति वसूली: राज्य में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ बनाए गए ‘उत्तराखण्ड लोक और निजी सम्पत्ति वसूली अधिनियम 2025’ की नियमावली को मंजूरी दे दी गई है। अब नुकसान की भरपाई दोषियों से कड़ाई से की जाएगी।

* पुलिस ट्रेनिंग: ‘भारतीय न्याय संहिता’ लागू होने के बाद पुलिस कर्मियों को डिजिटल और कंप्यूटर आधारित जांच की ट्रेनिंग देने के लिए ‘NIELIT’ के विशेषज्ञों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है।

* भर्ती नियमों में ढील: सिपाही और दरोगा (पुलिस, वन दरोगा, अग्निशमन) की सीधी भर्ती के लिए 2023 की एकीकृत नियमावली की व्यवस्था को अगले 3 साल तक यथावत रखा जाएगा।

5. ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

* मुफ्त बिजली योजना: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 31 मार्च 2025 तक संयंत्र लगवा चुके लोगों को राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ मिलता रहेगा।

* सेतु आयोग: राज्य योजना आयोग को पूरी तरह समाप्त कर अब ‘सेतु आयोग’ (SETU Commission) के गठन और उसके नए संगठनात्मक ढांचे को मंजूरी दे दी गई है।

* पुल सुधार: एडीबी (ADB) समर्थित पुल सुधार परियोजना के तहत ₹1 करोड़ से ऊपर के कंसलटेंसी टेंडर को भी हरी झंडी मिल गई है।

निष्कर्ष: यह बैठक धामी सरकार के ‘विकसित उत्तराखंड’ के विजन को मजबूती प्रदान करती है। विशेष रूप से अग्निवीरों के लिए रिजर्वेशन और किसानों के लिए बढ़ा हुआ MSP राज्य की आर्थिकी और युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला कदम है।

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