‘शेन वार्न निकले असली सौदागर!’ राजस्थान रॉयल्स के 15,300 करोड़ में बिकने पर परिवार को मिलेंगे 450-460 करोड़ रुपये
‘शेन वार्न निकले असली सौदागर!’ राजस्थान रॉयल्स के 15,300 करोड़ में बिकने पर परिवार को मिलेंगे 450-460 करोड़ रुपये
मुंबई: IPL फ्रेंचाइजी बाजार में रिकॉर्ड बिक्री के बीच ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज शेन वार्न का 18 साल पुराना फैसला अब उनके परिवार के लिए 450-460 करोड़ रुपये का जैकपॉट बन गया है। राजस्थान रॉयल्स (RR) को अमेरिकी कंसोर्टियम (काल सोमानी के नेतृत्व में) ने 1.63 बिलियन डॉलर (लगभग 15,290-15,300 करोड़ रुपये) में खरीदा है।
क्या था वार्न का मास्टरस्ट्रोक?
2008 में IPL के पहले सीजन से पहले शेन वार्न ने राजस्थान रॉयल्स के साथ अनोखा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया। उन्होंने उच्च सैलरी के बजाय हर सीजन के लिए 0.75% इक्विटी (हिस्सेदारी) मांगी। उन्होंने RR के लिए 4 सीजन खेले (2008-2011) और 2008 में टीम को चैंपियन भी बनाया।
इसके चलते उनकी कुल हिस्सेदारी 3% हो गई। अब जब फ्रेंचाइजी की वैल्यूएशन आसमान छू रही है, तो यह 3% हिस्सा 450 से 460 करोड़ रुपये (लगभग 54-55 मिलियन डॉलर) का हो गया है।
वार्न की मौत (2022) के बाद यह रकम उनके बच्चों — ब्रुक, जैक्सन और समर — को मिलेगी। परिवार को यह पैसा IPL 2026 के बाद मिलेगा, जब BCCI डील को मंजूरी देगा।
तुलना में कितना कमाया?
4 सीजन में वार्न ने सैलरी के रूप में कुल लगभग 9-9.35 करोड़ रुपये ही लिए।
लेकिन इक्विटी के जरिए अब उनके परिवार को 50 गुना से ज्यादा रिटर्न मिल रहा है।
क्रिकेट विशेषज्ञों ने इसे IPL इतिहास का सबसे स्मार्ट प्लेयर-ओनरशिप डील बताया है। वार्न ने 2008 में ही IPL के भविष्य को भांप लिया था और सैलरी से ज्यादा लंबे समय का फायदा चुना।
काल सोमानी के कंसोर्टियम में Walmart परिवार (रॉब वॉल्टन) और Ford परिवार (शीला फोर्ड हैम्प) भी शामिल हैं। यह डील राजस्थान रॉयल्स को IPL की सबसे महंगी फ्रेंचाइजी में से एक बना देगी।
शेन वार्न की दूरदर्शिता ने न सिर्फ मैदान पर जादू दिखाया, बल्कि मैदान के बाहर भी परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर दी। IPL 2026 शुरू होने से पहले यह खबर क्रिकेट जगत में सनसनी फैला रही है।
