ई-रिक्शा चलाने वाली मीरा ठाकुर उर्फ हरिया जासूसी के आरोप में गिरफ्तार, पाकिस्तानी नेटवर्क से कनेक्शन का खुलासा
ई-रिक्शा चलाने वाली मीरा ठाकुर उर्फ हरिया जासूसी के आरोप में गिरफ्तार, पाकिस्तानी नेटवर्क से कनेक्शन का खुलासा
मथुरा/गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में पाकिस्तान से जुड़े एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मथुरा की 28-30 वर्षीय महिला मीरा ठाकुर उर्फ हरिया (जिसे मीरा प्रजापति भी कहा जाता है) को कौशांबी पुलिस (गाजियाबाद) ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
मीरा दिखावे के लिए ई-रिक्शा चलाती थी, लेकिन पुलिस के मुताबिक वह संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रही थी, फोटो-वीडियो और GPS लोकेशन पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजती थी तथा मंदिरों, रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने में सक्रिय भूमिका निभा रही थी।
मीरा ठाकुर कौन है?
निवास: मथुरा के औरंगाबाद इलाके की महादेव नगर कॉलोनी।
परिवार: दो बच्चों की मां, पति से अलग रहती है। आगरा में मायका और मथुरा में ससुराल।
पिछला रिकॉर्ड: एक साल पहले अस्पताल तस्करी (arms smuggling) के मामले में गिरफ्तार हो चुकी थी, बाद में जमानत पर बाहर आई। उस समय वह खुद को मुंबई और दिल्ली पुलिस की महिला मुखबिर बताती थी।
स्थानीय नाम: इलाके में हरिया के नाम से जानी जाती थी। पड़ोसी और परिवार हैरान हैं, क्योंकि वह सीधी-सादी और सामान्य दिखती थी।
पुलिस का दावा
मीरा ई-रिक्शा चलाने की आड़ में मथुरा और आसपास के संवेदनशील इलाकों में घूमती थी।
वह पाकिस्तान में बैठे मास्टरमाइंड के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ी हुई थी।
गिरफ्तारी के समय उसके पास मोबाइल फोन मिले, जिनमें संवेदनशील जगहों के फोटो-वीडियो और लोकेशन थे।
यह गिरफ्तारी गाजियाबाद के कौशांबी थाने की जांच का हिस्सा है, जिसमें अब तक 18 लोग (कुछ नाबालिग सहित) गिरफ्तार हो चुके हैं।
कैसे पकड़ी गई?
गाजियाबाद पुलिस को जासूसी नेटवर्क की जानकारी मिली, जिसमें रेलवे स्टेशन, सुरक्षा इंस्टॉलेशंस और धार्मिक स्थलों की रेकी शामिल थी। मीरा समेत फरीदाबाद के नौशाद अली उर्फ लालू और एक नाबालिग को रविवार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच जारी है और इस नेटवर्क से और लोगों के पकड़े जाने की संभावना है। मीरा पर जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ और पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी देने के गंभीर आरोप हैं।
यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से काफी गंभीर माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने ऐसे नेटवर्क पर सख्त नजर रखने का दावा किया है।
