होर्मुज संकट: दो और भारतीय LPG जहाजों ने पार किया स्ट्रेट; 92,000 टन गैस लेकर भारत रवाना
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से दो और भारतीय जहाजों ने सुरक्षित निकास पा लिया है। 28 फरवरी से शुरू हुए तनाव के बाद अब तक कुल 5 जहाज भारतीय तटों तक पहुँचने में सफल रहे हैं।
होर्मुज संकट: दो और भारतीय LPG जहाजों ने पार किया स्ट्रेट; 92,000 टन गैस लेकर भारत रवाना
नई दिल्ली/दुबई: फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय बेड़े के लिए सोमवार (23 मार्च 2026) का दिन उम्मीदों भरा रहा। भारत के दो प्रमुख टैंकर ‘पाइन गैस’ (Pine Gas) और ‘जग वसंत’ (Jag Vasant) होर्मुज स्ट्रेट की बाधा को पार कर अरब सागर में प्रवेश कर चुके हैं।
मिशन ‘सुरक्षित घर वापसी’: मुख्य बिंदु
* कार्गो की मात्रा: शिपिंग मिनिस्ट्री के अनुसार, इन दोनों जहाजों पर कुल 92,000 टन LPG लदी है।
* रूट: ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, स्ट्रेट पार करने से पहले ये जहाज ईरान के ‘लारक’ और ‘क्वेशम’ द्वीपों के बीच के संवेदनशील जलक्षेत्र से गुजरे।
* समयसीमा: दोनों जहाज सोमवार सुबह रवाना हुए हैं और उम्मीद है कि अगले दो से ढाई दिनों में ये भारतीय बंदरगाहों पर लंगर डाल देंगे।
अब तक की सफलता का रिपोर्ट कार्ड
युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कुल 5 भारतीय झंडे वाले जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं:
* शिवालिक: 16 मार्च को मुंद्रा पोर्ट पहुंचा (92,712 टन LPG)।
* नंदा देवी: 17 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचा (LPG)।
* जग लाडकी: 18 मार्च को मुंद्रा पोर्ट पहुंचा (80,886 टन कच्चा तेल)।
* पाइन गैस: रास्ते में (LPG)।
* जग वसंत: रास्ते में (LPG)।
खाड़ी में अब कितने भारतीय जहाज फंसे हैं?
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार, ताजा निकास के बाद पश्चिमी तट (होर्मुज के भीतर) फंसे भारतीय जहाजों की संख्या घटकर 20 रह गई है।
फंसे हुए जहाजों का विवरण:
* LPG टैंकर: 5 (पाइन गैस के निकलने के बाद)
* कच्चे तेल (Crude Oil) के टैंकर: 4
* LNG टैंकर: 1
* अन्य: 3 कंटेनर जहाज, 2 बल्क कैरियर, 1 केमिकल टैंकर, 1 ड्रेजर और 3 मरम्मत (Maintenance) के अधीन जहाज।
विशेषज्ञों की राय: ईरान वर्तमान में केवल उन्हीं जहाजों को जाने की अनुमति दे रहा है जिनका अमेरिका से कोई सीधा संबंध नहीं है। भारत के साथ ईरान के कूटनीतिक संबंधों के कारण भारतीय जहाजों को ‘सत्यापन’ (Verification) के बाद प्राथमिकता मिल रही है।
भारत के लिए क्यों जरूरी है होर्मुज स्ट्रेट?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस संकरे समुद्री रास्ते पर भारी रूप से निर्भर है:
* LPG: भारत की 85% से 95% रसोई गैस इसी रास्ते से आती है।
* प्राकृतिक गैस (LNG): लगभग 30% आपूर्ति यहीं से होती है।
* कच्चा तेल: कुल आयात का आधे से ज्यादा हिस्सा (सऊदी, इराक, UAE) इसी मार्ग पर निर्भर है।
विकल्प की तलाश: कच्चे तेल के लिए भारत ने रूस, पश्चिम अफ्रीका और अमेरिका की ओर रुख किया है, लेकिन LPG और गैस के मामले में फिलहाल कोई बड़ा विकल्प न होने के कारण सप्लाई में कटौती महसूस की जा रही है।
