ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा फैसला: 5 दिनों के लिए सैन्य हमले रोकने का आदेश, शांति वार्ता शुरू
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह ऐलान पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी राहत की खबर बनकर आया है। 24 दिनों से जारी विनाशकारी युद्ध, जिसने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया था, अब ‘डिप्लोमेसी’ यानी बातचीत की मेज पर लौटता दिख रहा है।
ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा फैसला: 5 दिनों के लिए सैन्य हमले रोकने का आदेश, शांति वार्ता शुरू
वॉशिंगटन/तेहरान: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सीधे युद्ध में 5 दिनों के ‘सीजफायर’ (हमलों पर रोक) का ऐलान किया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि पिछले दो दिनों में ईरानी प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत “अत्यधिक सकारात्मक और रचनात्मक” रही है, जिसके बाद उन्होंने अमेरिकी युद्ध विभाग को ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर हमले टालने का निर्देश दिया है।
ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर ट्रंप का संदेश
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा:
“मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में शत्रुता के पूर्ण समाधान को लेकर बहुत अच्छी बातचीत हुई है। इस सकारात्मक संकेत के आधार पर, मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि ईरानी पावर प्लांट्स और ऊर्जा अवसंरचना के खिलाफ सभी सैन्य हमलों को अगले पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया जाए।”
युद्ध का घटनाक्रम: कैसे बिगड़े हालात?
* 28 फरवरी का निर्णायक हमला: अमेरिका और इजरायल ने तेहरान पर एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन किया था, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए थे।
* ईरान का पलटवार: इसके जवाब में ईरान ने पिछले 24 दिनों में मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य बेसों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर भीषण हमले किए।
* वैश्विक संकट: ईरान के हमलों के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई बाधित हुई, जिससे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंदी का खतरा मंडराने लगा।
अगले 1 हफ्ते का प्लान
* वार्ता जारी रहेगी: ट्रंप ने कहा है कि यह रोक ईरान के साथ चल रही चर्चाओं की सफलता पर टिकी है। अगले पूरे सप्ताह दोनों देशों के प्रतिनिधि किसी ‘समग्र समाधान’ पर पहुंचने की कोशिश करेंगे।
* पावर प्लांट्स पर फोकस: अमेरिका ने फिलहाल उन हमलों को रोका है जो ईरान की बिजली और ऊर्जा क्षमता को पूरी तरह नष्ट करने के लिए डिजाइन किए गए थे।
* इजरायल का रुख: अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इजरायल इस 5 दिनों की रोक का पूरी तरह पालन करेगा या नहीं, हालांकि अमेरिका के दबाव के चलते इजरायली सेना के भी पीछे हटने की उम्मीद है।
दुनिया पर असर
ट्रंप के इस ऐलान के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह 5 दिन की शांति किसी स्थायी समझौते में बदलती है, तो यह 21वीं सदी की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत होगी।
