मोकामा के ‘छोटे सरकार’ रिहा: बेऊर जेल से बाहर आए अनंत सिंह; कल 50 KM लंबा रोड शो, समर्थकों में भारी उत्साह
बिहार की राजनीति के ‘छोटे सरकार’ कहे जाने वाले अनंत सिंह एक बार फिर जेल की सलाखों से बाहर आ गए हैं। दुलारचंद हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज (23 मार्च 2026) वह बेऊर जेल से रिहा हुए। जेल के बाहर समर्थकों का हुजूम और फूलों की बारिश उनके सियासी रसूख की गवाही दे रही थी।
मोकामा के ‘छोटे सरकार’ रिहा: बेऊर जेल से बाहर आए अनंत सिंह; कल 50 KM लंबा रोड शो, समर्थकों में भारी उत्साह
पटना: जेडीयू विधायक अनंत सिंह करीब 5 महीनों के बाद जेल से बाहर आ गए हैं। पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रुद्र प्रकाश मिश्रा की पीठ ने उन्हें 15,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दी है। हालांकि उन्हें जमानत 19 मार्च को ही मिल गई थी, लेकिन बेलबॉन्ड की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण उनकी रिहाई में 4 दिन का समय लगा।
जेल के बाहर भव्य स्वागत
सोमवार दोपहर जैसे ही अनंत सिंह बेऊर जेल के गेट से बाहर निकले, वहां मौजूद सैकड़ों समर्थकों ने उन्हें मालाओं से लाद दिया। ‘अनंत सिंह जिंदाबाद’ के नारों के बीच वह अपने पटना स्थित आवास के लिए रवाना हुए। समर्थकों का कहना है कि उनके नेता को “साजिश के तहत” फंसाया गया था।
कल मोकामा में दिखेगा ‘पावर शो’
जेल से रिहा होने के बाद अनंत सिंह कल (मंगलवार) अपने निर्वाचन क्षेत्र मोकामा जाएंगे। उनकी टीम ने एक भव्य कार्यक्रम तैयार किया है:
* रोड शो: मोकामा में करीब 50 किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला जाएगा।
* बड़हिया महारानी मंदिर: वह लखीसराय के प्रसिद्ध बड़हिया महारानी स्थान मंदिर में मत्था टेकेंगे और आशीर्वाद लेंगे।
* स्वागत: रास्ते में दर्जनों जगहों पर कार्यकर्ताओं ने उनके भव्य स्वागत की तैयारी की है।
केस की पृष्ठभूमि और अदालती शर्तें
* गिरफ्तारी: अनंत सिंह को 1 नवंबर 2025 को दुलारचंद यादव हत्याकांड में साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
* कोर्ट की शर्त: जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिया है कि वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे और न ही किसी गवाह को डराएंगे या प्रभावित करेंगे।
* सियासी दबदबा: अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए ही मोकामा सीट से 28,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी, जो उनके क्षेत्र में उनकी पकड़ को दर्शाता है।
मोकामा: सिंह परिवार का ‘अभेद्य किला’
मोकामा विधानसभा सीट पर 1990 से ही अनंत सिंह के परिवार का कब्जा रहा है। बीच में कानूनी पेचदगियों के कारण उनकी सदस्यता गई, तो उनकी पत्नी नीलम देवी ने उपचुनाव जीतकर इस विरासत को बरकरार रखा। दुलारचंद यादव, जिनकी मौत के मामले में अनंत सिंह आरोपी हैं, चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे।
राजनीतिक गलियारों की चर्चा: अनंत सिंह की रिहाई ऐसे समय में हुई है जब बिहार में गठबंधन की राजनीति नए समीकरण बना रही है। जेडीयू विधायक के रूप में उनकी वापसी मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी को और मजबूती दे सकती है।
