गोरखपुर में छलका संजय निषाद का दर्द: मंच पर फूट-फूटकर रोए कैबिनेट मंत्री, समाज से की भावुक अपील
गोरखपुर के सियासी मैदान से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का भावुक अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
गोरखपुर में छलका संजय निषाद का दर्द: मंच पर फूट-फूटकर रोए कैबिनेट मंत्री, समाज से की भावुक अपील
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित महंत दिग्विजयनाथ पार्क रविवार को एक अभूतपूर्व दृश्य का गवाह बना। निषाद पार्टी द्वारा आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री संजय निषाद अचानक अपने आंसू नहीं रोक पाए। हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में मंच पर बोलते हुए वे बेहद भावुक हो गए और सिसक-सिसक कर रोने लगे।
“समाज के साथ हुआ अन्याय”: संबोधन की मुख्य बातें
संजय निषाद ने रुंधे हुए गले से अपने समाज के संघर्षों और पिछड़ते इतिहास को याद किया:
* वोट बैंक का आरोप: उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने निषाद समाज को केवल चुनाव के समय इस्तेमाल किया और बाद में उनके अधिकारों को कुचल दिया।
* भावुक पीड़ा: “हमारी बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ हुआ, हमारे बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेला गया,” यह कहते हुए वे खुद को संभाल नहीं सके।
* एकजुटता का आह्वान: उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ‘ठगों’ और ‘बेईमानों’ का साथ छोड़कर अपनी राजनीतिक ताकत (निषाद पार्टी) को मजबूत करें ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
बुलेट पर सवार होकर किया शक्ति प्रदर्शन
भावुक भाषण से पहले संजय निषाद ने गोरखपुर की सड़कों पर अपनी ताकत का अहसास कराया:
* मोटरसाइकिल रैली: हजारों कार्यकर्ताओं के साथ निकाली गई इस रैली की अगुवाई खुद संजय निषाद ने बुलेट पर सवार होकर की।
* चुनावी तेवर: शहर के प्रमुख चौराहों से गुजरी यह रैली पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगी नजर आई, जो विपक्ष के लिए एक सीधा संदेश था।
योगी सरकार की तारीफ, विपक्ष पर प्रहार
संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने ही निषाद समाज की पीड़ा को समझा और उनकी मांगों को सदन तक पहुँचाया। वहीं, उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले उनके समाज को जानबूझकर शिक्षा और रोजगार से दूर रखा गया।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा: मिशन 2027 की तैयारी?
जानकारों का मानना है कि संजय निषाद का यह ‘भावुक कार्ड’ महज एक संयोग नहीं है:
* वोट बैंक पर पकड़: यूपी की लगभग 160 विधानसभा सीटों पर निषाद समाज का प्रभावी दखल है।
* 2027 की रणनीति: विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अपने काडर को भावनात्मक रूप से जोड़ना एक बड़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
* वायरल वीडियो: मंच पर रोने का वीडियो वायरल होने से न केवल निषाद पार्टी चर्चा के केंद्र में आ गई है, बल्कि सियासी माहौल भी गरमा गया है।
विशेष टिप्पणी: गोरखपुर की इस रैली ने साफ कर दिया है कि आगामी चुनावों में ‘निषाद कार्ड’ एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
