ईरान के लिए उमड़ा कश्मीर का प्यार: महिलाओं ने दान किए गहने, बच्चों ने दी अपनी ‘ईदी’
जम्मू-कश्मीर से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आ रही है। पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध और संकट के बीच, कश्मीर और लद्दाख के लोगों ने ईरान की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं।
ईरान के लिए उमड़ा कश्मीर का प्यार: महिलाओं ने दान किए गहने, बच्चों ने दी अपनी ‘ईदी’
श्रीनगर/कारगिल: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विभिन्न हिस्सों से मानवता की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। ईरान पर हुए हमलों और वहां जारी युद्ध के संकट को देखते हुए स्थानीय लोगों ने आर्थिक मदद के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। लोग न केवल नकद पैसे, बल्कि अपने कीमती सोने के गहने और घरेलू सामान भी दान कर रहे हैं।
दान में क्या-क्या मिल रहा है?
यह अभियान विशेष रूप से बडगाम, बारामूला, श्रीनगर और कारगिल जैसे शिया बहुल इलाकों में जोर पकड़ रहा है। दान की गई वस्तुओं में शामिल हैं:
* सोने-चांदी के आभूषण: कई महिलाओं ने अपने कीमती कंगन, अंगूठियां और हार दान कर दिए हैं। एक महिला ने तो अपने पति की निशानी के तौर पर रखे गहने भी ईरान की मदद के लिए दे दिए।
* तांबे के बर्तन: कश्मीर में तांबे के बर्तनों (Copper utensils) का बहुत महत्व है, लोग इन्हें भी भारी मात्रा में दान कर रहे हैं।
* बच्चों की ईदी: ईद-उल-फितर के तुरंत बाद शुरू हुए इस अभियान में बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़ दी और त्योहार पर मिली ‘ईदी’ ईरान के रिलीफ फंड में जमा कर दी।
* पशुधन (Livestock): कुछ ग्रामीण इलाकों में परिवारों ने अपनी भेड़-बकरियां तक दान करने की पेशकश की है।
क्यों एकजुट हुए लोग?
इस अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल मजहबी रिश्ता नहीं, बल्कि मानवीय आधार पर की जा रही मदद है।
* युद्ध की तबाही: इजरायल और अमेरिका के साथ जारी संघर्ष में ईरान को हुए भारी नुकसान के बाद लोग एकजुट हुए हैं।
* भावनात्मक जुड़ाव: कश्मीर और ईरान के बीच सदियों पुराना सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध रहा है।
* नेताओं की अपील: हाल ही में महबूबा मुफ्ती जैसी प्रमुख नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर ईरानी दूतावास के बैंक विवरण साझा कर लोगों से मदद की अपील की थी।
ईरानी दूतावास ने जताया आभार
भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया (X) पर कश्मीरियों की इस उदारता की तस्वीरें साझा कीं और भावुक संदेश लिखा:
“हम कश्मीर के दयालु लोगों के प्रति तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं। आपकी यह एकजुटता और मानवीय सहायता कभी नहीं भुलाई जाएगी।”
प्रशासन की पैनी नजर
इतने बड़े पैमाने पर कैश और सामान इकट्ठा होने के कारण स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यह दान केवल मानवीय राहत कार्यों के लिए सही और कानूनी रास्तों (जैसे ईरानी एम्बेसी) के जरिए ही भेजा जाए।
