उत्तराखंड के 3 जिलों में ‘एवलॉन्च’ का ऑरेंज अलर्ट: उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में डेंजर लेवल-3 घोषित
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में कुदरत का मिजाज एक बार फिर चुनौतीपूर्ण हो गया है। भारी बर्फबारी और बदलते मौसम के बीच प्रशासन ने बड़ी चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड के 3 जिलों में ‘एवलॉन्च’ का ऑरेंज अलर्ट: उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में डेंजर लेवल-3 घोषित
देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पिछले 72 घंटों से हो रहे मौसम के बदलाव ने खतरे की घंटी बजा दी है। डिफेंस जियो इन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (DGRE) ने राज्य के तीन संवेदनशील जिलों के लिए हिमस्खलन (Avalanche) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को अगले 24 से 48 घंटों तक विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
कहाँ और कितना है खतरा?
DGRE ने उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों को डेंजर लेवल-3 (मध्यम से उच्च जोखिम) की श्रेणी में रखा है।
* प्रमुख कारण: नई बर्फबारी और पुरानी जमी बर्फ के बीच असंतुलन पैदा होना, जिससे बर्फ की परतें खिसकने का डर बढ़ गया है।
* प्रभावी समय: यह अलर्ट 21 मार्च से 22 मार्च तक विशेष रूप से प्रभावी रहेगा।
प्रशासन की सख्त एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें?
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों की सुरक्षा के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
* निचले इलाकों की ओर रुख: 2700 मीटर से अधिक ऊंचाई पर रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे अस्थाई रूप से निचले सुरक्षित इलाकों में शिफ्ट हो जाएं।
* आवाजाही पर रोक: ट्रेकर्स, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पुराने ‘एवलॉन्च जोन’ से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
* छतों की सफाई: घरों और गौशालाओं की छतों पर बर्फ जमा न होने दें, क्योंकि अधिक भार से छत गिरने का खतरा हो सकता है।
* सतर्कता: रात के समय बर्फबारी पर नजर रखें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
हिमालयी राज्यों में भी अलर्ट का साया
यह संकट केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। DGRE ने पूरे हिमालयी बेल्ट के लिए चेतावनी जारी की है:
* जम्मू-कश्मीर: 2 जिले अलर्ट पर।
* लद्दाख: 2 जिलों में खतरा।
* हिमाचल प्रदेश: 4 संवेदनशील जिले।
* सिक्किम: 2 प्रमुख क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट।
विशेषज्ञों की राय
जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में आ रहे असामान्य बदलावों की वजह से हिमस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।
हेल्पलाइन नोट: किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय आपदा प्रबंधन केंद्र या पुलिस प्रशासन से संपर्क करें।
