राजनीति

‘खीर’ के साथ शुरू होगा दिल्ली का बजट सत्र: AAP ने दी बहिष्कार की धमकी, रेखा गुप्ता पेश करेंगी आर्थिक सर्वेक्षण

दिल्ली की राजनीति में एक नया और दिलचस्प अध्याय शुरू होने जा रहा है। बजट सत्र की शुरुआत एक अनूठी परंपरा के साथ होगी, लेकिन सियासी पारा अभी से चढ़ा हुआ है।

‘खीर’ के साथ शुरू होगा दिल्ली का बजट सत्र: AAP ने दी बहिष्कार की धमकी, रेखा गुप्ता पेश करेंगी आर्थिक सर्वेक्षण

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार (23 मार्च, 2026) से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र की शुरुआत बीजेपी सरकार द्वारा शुरू की गई ‘खीर’ खिलाने की नई परंपरा के साथ होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस समारोह में शिरकत करेंगी, जिसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू होगी। हालांकि, विपक्षी आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस सत्र के बहिष्कार का ऐलान कर सरकार की मुश्किलें बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

सत्र की मुख्य बातें

* खीर समारोह: सत्र की शुरुआत से पहले सभी सदस्यों को खीर खिलाई जाएगी। यह परंपरा बीजेपी सरकार ने पिछले सत्र से शुरू की थी, जिसे ‘शुभ शुरुआत’ का प्रतीक माना जा रहा है।

* आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey): सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सदन के पटल पर दिल्ली की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करेंगी। यह रिपोर्ट पिछले एक साल में दिल्ली की विकास दर और वित्तीय स्थिति का लेखा-जोखा देगी।

* बजट 2026: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जिनके पास वित्त मंत्रालय भी है, मंगलवार (24 मार्च) को अपना दूसरा वार्षिक बजट पेश करेंगी। पिछले साल उन्होंने 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।

विपक्ष का कड़ा रुख और बहिष्कार की धमकी

नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने घोषणा की है कि अगर विधानसभा अध्यक्ष उनके चार निलंबित विधायकों (संजीव झा, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार और सोमदत्त) का निलंबन रद्द नहीं करते हैं, तो ‘आप’ विधायक पूरे सत्र का बहिष्कार करेंगे।

* निलंबन का मुद्दा: इन विधायकों को जनवरी सत्र के दौरान “सदन की कार्यवाही में बाधा डालने” के लिए निलंबित किया गया था।

* CAG रिपोर्ट: सत्र के पहले दिन दिल्ली जल बोर्ड और अन्य विभागों से जुड़ी सीएजी (CAG) की रिपोर्ट भी पेश की जानी है, जिस पर हंगामा होने के पूरे आसार हैं।

क्या होगा बजट में खास?

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस बार के बजट में ‘महिला केंद्रित’ योजनाओं पर बड़ा दांव खेल सकती हैं। साथ ही, दिल्ली के बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य क्षेत्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) के लिए बड़े आवंटन की उम्मीद है।

राजनीतिक गलियारों की हलचल: जहाँ सत्ता पक्ष इसे दिल्ली के विकास का नया रोडमैप बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन और तानाशाही भरा सत्र करार दे रहा है।

 

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