Thursday, September 10, 2026
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सरकार बनी तो महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये! अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, 2027 चुनाव से पहले महिला वोटरों पर दांव

सरकार बनी तो महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये! अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, 2027 चुनाव से पहले महिला वोटरों पर दांव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर महिलाओं के लिए बड़ा वादा किया है। उन्होंने स्पष्ट ऐलान किया कि अगर सपा की सरकार बनी तो राज्य की गरीब महिलाओं (माताओं-बहनों) को हर साल 40,000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाएंगे। यह घोषणा ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ (या इसी तरह की नारी समृद्धि योजना) के तहत होगी, जो समाजवादी पेंशन योजना के साथ चलेगी।

अखिलेश ने क्या कहा?

दिल्ली में एक प्राइवेट चैनल के कार्यक्रम में अखिलेश ने कहा: “अगर 10 हजार रुपये देने से सरकार बन सकती है, तो हम 40 हजार देंगे। गरीब माताओं-बहनों को साल में 40 हजार रुपये देने का काम करेंगे।”

उन्होंने बताया कि यह राशि समाजवादी पेंशन की संरचना पर आधारित है — जहां पहले 3,000 रुपये मासिक (36,000 सालाना) की बात थी, लेकिन अब ब्याज जोड़कर 40,000 रुपये सालाना बनाया जाएगा।

अगर फंड की कमी हुई तो उधार लेकर भी यह योजना लागू की जाएगी।

यह योजना गरीब महिलाओं को आर्थिक मजबूती देगी, ताकि वे स्वावलंबी बनें।

पृष्ठभूमि और रणनीति

यह ऐलान 2027 के चुनाव से पहले महिलाओं को साधने का बड़ा दांव माना जा रहा है। अखिलेश ने बिहार और मध्य प्रदेश की लाडली बहना जैसी योजनाओं से प्रेरणा ली है, जहां छोटी राशि से भी वोट बैंक मजबूत हुआ।

पहले अखिलेश ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ के तहत 3,000 रुपये मासिक देने की बात की थी (जून 2025 में), लेकिन अब इसे सालाना 40,000 पर फाइनल किया गया।

हाल ही में (मार्च 2026) उन्होंने ‘मूर्ति देवी-मालती देवी महिला सम्मान’ कार्यक्रम शुरू किया, जहां विभिन्न महिलाओं के नाम पर अवॉर्ड और 1 लाख की राशि दी जा रही है — यह भी महिला वोटरों को आकर्षित करने का हिस्सा है।

प्रतिक्रिया और राजनीतिक प्रभाव

BJP ने इसे ‘फ्रीबी पॉलिटिक्स’ बताया, कहा कि विकास पर फोकस नहीं, सिर्फ वोट बैंक।

सपा समर्थक इसे ‘महिला सशक्तिकरण’ का कदम मान रहे हैं।

2027 चुनाव में महिलाओं का वोट निर्णायक होगा, और यह घोषणा BJP की लाडली बहना (मध्य प्रदेश) और अन्य योजनाओं से मुकाबला करने की कोशिश है।

अखिलेश का फोकस PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ महिलाओं पर है। क्या यह वादा चुनावी गेम-चेंजर बनेगा? आने वाले महीनों में और घोषणाएं आने वाली हैं!

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